सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से झील तक बिछाई गई है पाइप लाइन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। वजीराबाद में बनाई जा रही कृत्रिम झील में सीवेज शोधित जल (ट्रीटेड वाटर) डालने का प्रयोग सफल रहा है। इससे झील तैयार होने की राह आसान हो गई है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से झील तक पाइप लाइन पहले ही बिछाई गई थी। अब वहां से पानी आने लगा है और झील की जगह पर जमा होने लगा है। इसके अलावा अरावली की पहाड़ियों से निकलने वाला बारिश का पानी भी इसमें जमा होगा, इससे शहर के कई इलाकों में जल भराव नहीं होगा और भूजल संरक्षण भी हो सकेगा। इस प्रोजेक्ट को पर्यटन की दृष्टि से भी तैयार किया जा रहा है। इस झील में बोटिंग और दिल्ली एनसीआर के पर्यटकों को आकर्षित करने के अन्य उपाय भी किए जाने
सेक्टर 53 में वजीराबाद के पास चंडीगढ़ के सुखना लेक की तरह एक कृत्रिम झील बनाई जा रही है। यह भूजल संरक्षण, शोधित जल का आदर्श प्रयोग और पर्यटन की दृष्टि से लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगी। पर्यावरण संरक्षण और अरावली की पहाड़ियों से आने वाले पानी को सेक्टरों और सोसाइटियों में जाकर जल भराव से रोकने की दिशा में इस झील को एक उपाय के तौर पर देखा जा रहा है। वजीराबाद में पहले से मौजूद जोहड़ का विस्तार करके करीब 18 एकड़ में कृत्रिम झील को तैयार किया जा रहा है।
जीएमडीए के एडिशनल सीईओ सुभाष यादव ने रविवार को झील के लिए तय जगह पर सीवेज ट्रीटेड पानी को झील तक पहुंचाने के प्रयोग को सफल बताया । उन्होंने कहा कि टेस्ट रन सफल होने से अब झील को तैयार करने में समय कम लगेगा।