व्यस्त बाजारों में लगे हैं कूड़े के ढेर, ठेका कर्मियों को नियमित करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आठवें दिन बृहस्पतिवार को भी जारी रही। हड़ताल के चलते सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। व्यस्त बाजारों में कूड़े के ढेर दिखाई देने लगे हैं। ठेका कर्मचारियों को सेवा से हटाए जाने के विरोध में हड़ताल पर बैठे कर्मचारी नेताओं की नगर निगम अधिकारियों से बातचीत भी नहीं हुई। नगर निगम ने निजी एजेंसियों से सफाई का काम करवाने का दावा किया है लेकिन इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है
नगर निगम ने निजी एजेंसियों को सफाई के काम में लगाया है। इनके काम में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश भी दिए हैं। दुकानदारों का कहना है कि निजी एजेंसियों का काम दिखाई नहीं दे रहा है। दूसरी ओर कर्मचारी नेताओं ने घोषणा की है कि हड़ताल 23 अक्तूबर तक जारी रहेगी। इसके बाद विचार विमर्श करके फैसला लिया जाएगा। हड़ताल से पहले सफाई कर्मचारी पुराने नगर निगम कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे थे। इनकी मांग है कि ठेका कर्मियों को नियमित किया जाए।
मनमाने तरीके से हड़ताल के चलते नागरिकों में भारी रोष
गुुरुग्राम। नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की बेवजह हड़ताल के चलते नागरिकों में भारी आक्रोश है। नागरिकों का कहना है कि सफाई कर्मचारी बिना किसी कारण के कभी भी हड़ताल पर बैठ जाते हैं और उनकी मनमर्जी का खामियाजा शहर के आम नागरिक भुगत रहे हैं। पटौदी चौक निवासी अमन, मदनपुरी निवासी संजय, कृष्णा कॉलोनी निवासी हरीश वर्मा, मदनपुरी निवासी टीसी गुप्ता व न्यू कॉलोनी निवासी उमेश चांदना सहित शहर के कई नागरिकों ने कहा कि नगर निगम के अधिकारियों द्वारा पिछले दिनों में कई बार सफाई कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त करने का अनुरोध किया गया है, लेकिन अपनी हठधर्मिता के चलते सफाई यूनियन के प्रतिनिधि शहर की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। लोगों को यह भी गुमराह किया जा रहा है कि हड़ताल पर केवल ठेकेदार के कर्मचारी बैठे हुए हैं, बल्कि ठेकेदार के कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त करने में जुटे हुए हैं और पक्के व निगम रोल के कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए हैं।