संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर की हवा बीते एक महीने से जहरीली बनी हुई है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों को हो रही है। ग्रेप-3 की पाबंदियों के बाद भी हवा में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है। कई जगह पर सड़कों की हालत जर्जर होने के कारण वाहनों की आवाजाही से धूल उड़ रही है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन सड़कों और पेड़ों पर पानी का पर्याप्त छिड़काव नहीं करा रहा है। एंटी स्मॉग गन भी नजर नहीं आ रही है। केवल टैंकरों से पानी का छिड़काव करके खानापूर्ति की जा रही है। रविवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 295 दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार यह स्तर खराब श्रेणी में आता है। मानेसर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 321 दर्ज किया गया। हवा की गुणवत्ता खराब देखते हुए डॉक्टरों ने लोगों से सुबह और शाम की सैर से बचने की सलाह दी है।