अदालत ने खुराना को 25 लाख रुपये की सावधि जमा करने का निर्देश दिया है
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी परविंदर सिंह खुराना को गुरुग्राम की एक विशेष अदालत ने जापान यात्रा की अनुमति दे दी है। यह अनुमति 20 अगस्त 2026 से 2 सितंबर 2026 तक के लिए दी गई है। अदालत ने खुराना को 25 लाख रुपये की सावधि जमा करने का निर्देश दिया है। सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश (पीएमएलए) नरेंद्र सूरा की अदालत ने यह आदेश बुधवार को दिया। अदालत ने परविंदर सिंह खुराना के खिलाफ जारी किसी भी लुकआउट सर्कुलर को यात्रा की अवधि के लिए निलंबित रखने का भी निर्देश दिया। खुराना ने अपनी याचिका में कहा था कि वह एसीएस कार्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। उन्हें जापान में अपने ग्राहक मेसर्स कायसन्स इंटरनेशनल कॉर्पोरेशन द्वारा अनुबंधों को अंतिम रूप देने और स्थानीय विक्रेताओं से वाहन खरीदने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि यह व्यावसायिक यात्रा उनके हितों के लिए महत्वपूर्ण है।प्रवर्तन निदेशालय ने यात्रा का विरोध करते हुए कहा कि खुराना एक गंभीर आर्थिक अपराध के मामले में आरोपी हैं। निदेशालय ने आरोप लगाया कि खुराना ने जाली बैंक गारंटी की सुविधा प्रदान करने के लिए 85 लाख रुपये कमीशन के तौर पर लिए थे।अदालत ने कहा कि आपराधिक कार्रवाई लंबित होने के कारण आवेदक को भारी वित्तीय और व्यावसायिक नुकसान नहीं होने दिया जा सकता। अदालत ने खुराना को 3 सितंबर 2026 को भारत लौटने पर अदालत को सूचित करने का निर्देश दिया है। यदि वह ऐसा नहीं करते हैं, तो 25 लाख रुपये की जमा राशि राज्य के पक्ष में जब्त कर ली जाएगी। भारत लौटने के बाद यह राशि उन्हें वापस कर दी जाएगी।