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Gurugram News: कैरी बैग के दस रुपये नौ फीसदी ब्याज के साथ करने होंगे वापस

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जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया आदेश, बर्कोस रेस्टोरेंट से 235 रुपये का सामान मंगाया था
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग कैरी बैग के दस रुपये लेने पर बर्कोस रेस्टोरेंट को नौ फीसदी ब्याज के साथ रुपये लौटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा मानसिक परेशानी और केस लड़ने का खर्च भी कंपनी को देना होगा।
अलकनंदा अपार्टमेंट सेक्टर 56 निवासी समन्वय भूटानी ने जोमैटो के माध्यम से बर्कोस रेस्टोरेंट सेंट्रल प्लाजा डीएलएफ-4 से खाने का ऑर्डर सात जून 2022 को किया था। इसके लिए बर्कोस ने 235 रुपये का बिल दिया । पीड़ित का कहना है कि बर्कोस की ओर से कैरी बैग के लिए 10 रुपये का शुल्क लिया था। उनका कहना है कि कैरी बैग के रुपये लेना उपभोक्ता संरक्षण के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके लिए उन्होंने बर्कोस और जोमैटो पर आयोग में केस किया था।
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जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल, सदस्य ज्योति सिवाच व खुशविंदर कौर ने पूरे मामले को सुना और कंपनी को दोषी माना। आयोग ने शिकायतकर्ता को 10 रुपये सात जून 2022 से नौ फीसदी ब्याज सहित वापस करने का आदेश दिया है। मानसिक उत्पीड़न के लिए 15000 रुपये व मुकदमेबाजी का खर्च 5000 रुपये देने को कहा है। 45 दिनों के भीतर ऐसा न करने पर राशि पर 12 फीसदी ब्याज देना होगा।

45 दिन में भुगतान न करने पर लगेगा 12 फीसदी ब्याज
गुरुग्राम। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने कंपनी को कैरी बैग के दस रुपये नौ फीसदी ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है। 45 दिन के भीतर पैसे नहीं देने पर 12 फीसदी की दर से ब्याज देना होगा।
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लाजपत नगर निवासी पूजा गुप्ता ने जूडियो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड सोहना रोड द्वारा कैरी बैग के दस रुपये लेने पर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दी थी। उनका कहना है कि 24 जून 2023 की रात जूडियो सॉल्यूशंस सोहना रोड से पांच वस्तुओं की खरीदारी की थी। इसके लिए उन्होंने 1104 रुपये का भुगतान किया था। पीड़िता का कहना है कि कंपनी ने कैरी बैग के लिए 10 रुपये का चार्ज किया था। उनका कहना है कि कैरी बैग के लिए कानूनी तौर पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा सकता है। यह उपभोक्ता के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन था। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल, सदस्य ज्योति सिवाच व खुशविंदर कौर ने पूरे मामले को सुना। आयोग ने दोनों पक्षों की बात और कंपनी को दोषी माना। आयोग ने शिकायतकर्ता को 10 रुपये की राशि 24 जून 2023 से नौ फीसदी ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है। मानसिक उत्पीड़न के लिए 15000 रुपये और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 11000 रुपये देने का आदेश दिया है।
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