-20 वर्ष से भारत में रहकर कर रहे थे इंतजार, आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने तैयार करवाए कागजात
-जिलाधीक्ष ने दस विदेशी नागरिकों को प्रदान किए प्रमाण पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित जिलाधीश कार्यालय में मंगलवार को पाकिस्तान से आकर रह रहे 10 हिंदू शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिलने पर खुशी में उनकी आंखें छलक आईं। एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने उन्हें भारत माता का चित्र, श्रीमद्भागवत गीता एवं भगवा पटके भेंटकर उनका वंदन-अभिनंदन किया। यह नागरिक लगभग 20 वर्षो से भारत में रह रहे हैं। नागरिकता मिलने के बाद भारतीय हो जाने का अहसास उनके चेहरों पर सुकून के रूप में दिखाई दिया।
जिलाधीश विक्रम सिंह ने 10 विदेशी नागरिकों (पाकिस्तान) को भारतीय नागरिकता संबंधी प्रमाण पत्र प्रदान किया। इस मौके पर सभी नव भारतीय नागरिकों का मुंह मीठा कराया गया। सभी ने भारत देश के प्रति कर्तव्य पर्यंत रहने की शपथ ली। भारतीय नागरिकता लेने वालों में पाकिस्तान से रुकमा, अर्जुन, प्रेम दास, मदन लाल, भूरान, पूजा, हनुमान, राम कली, दयालु, ओम प्रकाश शामिल है।
नागरिकता मिलने के बाद पाकिस्तान से आए लोगों ने अपनी आपबीती बताई। अपने पुराने दिनों की याद करते हुए नागरिकों की भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सभी ने भारतमाता के जयघोष करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का विशेष आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ हरियाणा के व्यवस्थापक श्रीराम अग्रवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार शर्मा, सामाजिक सद्भाव संयोजक फरीदाबाद महानगर अरुण वालिया, सीमा जागरण मंच जिला संयोजक विमल खंडेलवाल सहित अन्य प्रबुद्धजन नागरिक उपस्थित रहे।
दस्तावेज जुटाने में संघ के सदस्य को लगे दो वर्ष
हरियाणा के प्रांत संपर्क प्रमुख गंगाशंकर मिश्र ने कहा कि संघ के स्वयंसेवक विगत दो वर्षों से उनके जरूरी दस्तावेज जुटाने में लगे हुए थे। भारतीय नागरिकता मिलने के उपरांत अब इनका आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज तैयार करवाना प्राथमिकता में शामिल है।
आईबी की रिपोर्ट के बाद मिली नागरिकता
एनआईटी-3 और प्रेस काॅलोनी निवासी यह 10 लोग वीजा पर भारत आए थे। इसके बाद से इनका वीजा रिन्यू नहीं हुआ। काफी प्रयासों के बाद इनका दोबारा से वीजा रिन्यू हुआ। इसके बाद नागरिकता देने के लिए आईबी रिपोर्ट में वर्षों से पेच फंसा रहा। आखिरकार आईबी रिपोर्ट के बाद इन्हें नागरिकता मिल गई।