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Gurugram News: सूरजकुंड का है बड़ा नाम, बस यही सोचकर ले ली स्टॉल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। सूरजकुंड दिवाली उत्सव मेले में मंगलवार के दिन कहीं चैन सुकून देखने को मिला तो कुछ के चेहरे फाख्ता नजर आए। दो दिन की छुट्टी में आई भीड़ के बाद अब मेला फिर खाली-खाली दिख रहा है। मंगलवार को स्कूलों से आए छात्र-छात्राओं के समूहों के अलावा सामान्य लोग आम दिनों से कम संख्या में दिखाई दिए।
मेला परिसर में कई दुकानों पर तो दुकानदार खाली बैठे नजर आए, वहीं कुछ दुकानों पर लोगों की भीड़ नजर आई। बिक्री न होने के चलते दुकानदारों ने भी अपने सामान के रेट कम किए हुए थे। दिल्ली से लेडीज बैग के साथ-साथ जेंट्स बैग एवं बेल्ट की लंबी रेंज लेकर आए आए जयंत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सूजरकुंड हस्तशिल्प मेले जैसा तो उत्साह लोगों में नहीं देखने को मिल रहा है, लेकिन लोगों का ठीक-ठाक रिस्पोंस मिल रहा है। कम से कम नुकसान उनको नहीं होगा।
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सुंदर कारीगरी के फ्लावर पॉट लेकर मेले में आए पलवल निवासी सुभाष ने बताया कि वह मेले में वो ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन ग्राहक नजर नहीं आ रहे हैं। युवा लड़के-लड़किया अवश्य आते हैं, लेकिन वो कुछ खरीदते नहीं है। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन द्वारा मेले को लेकर प्रचार-प्रसार नहीं किया है, जिसके चलते बहुत कम संख्या में लोग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेले में स्टॉल लगाकर उनको नुकसान ही हो रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में जब भी आते हैं, तो अच्छी-खासी कमाई करके जाते हैं। उनके द्वारा बनाए गए फ्लॉवर पॉट्स पर हाथों से बड़ी सुंदर नक्काशी की गई है।
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1200 से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक के हैं कालीन
उत्तर प्रदेश से आए अरशद ने बताया कि उनके पास बेहतरीन क्वालिटी के कालीन उपलब्ध हैं और मार्किट के हिसाब से उनकी कीमत भी बहुत अच्छी है। लेकिन ग्राहक उनके पास नहीं आ रहे हैं और पिछले 5 दिन में सिर्फ 4-5 हजार रुपये की उनकी बिक्री हुई है। सूरजकुंड का बड़ा नाम है, यह सोचकर उन्होंने यहां स्टॉल लगाई थी और काफी संख्या में माल भी लेकर आए थे। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेल के हिसाब से यहां पर 5 प्रतिशत भी लोगों का रिस्पोंस नहीं है।
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