सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को किया जा रहा योजना में शामिल
स्कूल प्रबंधन समिति के माध्यम से योजना को चढ़ाया जाएगा सिरे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थी अब पैदल स्कूल में नहीं जाएंगे। शिक्षा विभाग विद्यार्थियों को घर से स्कूल जाने व आने के लिए निशुल्क वाहन सुविधा उपलब्ध करवाएगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों की देखरेख में स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा इस योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। समिति के माध्यम से ही शिक्षा विभाग वाहनों के लिए बजट जारी करेगा। विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के लिए स्कूल नोडल ट्रांसपोर्ट अधिकारी विद्यार्थियों से लिखित में आवेदन लेगा।
विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना का लाभ उन विद्यार्थियों को ही मिलेगा जो घर से एक किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर स्कूल आते-जाते हैं। जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर योजना शुरू करने के लिए विभाग द्वारा एक खंड को चुना है। स्कूलों की ओर से शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों की सूची 31 दिसंबर तक भेजी जाएगी। उनकी पहचान, उनका रूट, पूरे स्कूलों के विद्यार्थियों की गणना क्लस्टर के माध्यम से देनी होगी। यह सुविधा विद्यार्थियों को गांव-वार्ड से स्कूल तक ले जाने और स्कूल से गांव-वार्ड तक वापस लाने के लिए उपलब्ध करवाई जाएगी। स्कूल के जिस रूट पर विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक है, वहां ट्रांसपोर्ट विभाग को हरियाणा रोडवेज को प्राथमिकता देते हुए बस की समुचित व्यवस्था करनी होगी।
जब तक हरियाणा रोडवेज की व्यवस्था उपलब्ध नहीं होती तब तक संबंधित स्कूल प्रबंधन समिति यह व्यवस्था छोटी बसों के माध्यम से करेगी। ऐसे सभी रूट जहां पर विद्यार्थियों की संख्या एक से 20 होगी, वहां पर छोटे वाहनों की व्यवस्था करनी होगी। इसमें ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, कार, वैन, सूमो, जीप, मैक्सी कैब, वैन, छोटा हाथी, टैंपो ट्रैवलर शामिल है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गुरुग्राम के चारों खंडों से ऐसे विद्यार्थियों की संख्या मांगी गई है, जिनके घर से स्कूलों की दूरी ज्यादा है। चारों खंडों से रिपोर्ट आने के बाद ही विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के तहत पायलट प्रोजेक्ट के लिए खंड का चयन किया जाएगा।