गुरुग्राम। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सरकारी कॉलेजों में लागू नई शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। नए शैक्षणिक सत्र से पहले बड़ी संख्या में विद्यार्थी कॉलेजों में बनी हेल्प डेस्क पर पहुंचकर मल्टी-डिसिप्लिनरी शिक्षा, विषय चयन और नए नियमों की जानकारी ले रहे हैं। कॉलेज प्रशासन भी छात्रों को नई व्यवस्था के बारे में विस्तार से समझा रहा है, ताकि दाखिले के समय उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। नई शिक्षा नीति के तहत अब छात्र केवल अपनी पारंपरिक स्ट्रीम तक सीमित नहीं रहेंगे। आर्ट्स, साइंस और अन्य संकायों के विद्यार्थी अपनी रूचि और भविष्य के करियर को ध्यान में रखते हुए दूसरे संकायों के विषय भी चुन सकेंगे। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ नए कौशल सीखने और रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। उच्चतर शिक्षा निदेशालय के अनुसार, इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार और बदलती तकनीकों के अनुरूप तैयार करना है। इसी को ध्यान में रखते हुए कॉलेजों में स्किल डेवलपमेंट, इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट वर्क और रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। संवाद