पीजी छात्राें और सेवानिवृत्त परामर्शदाताओं के सहारे संभाली गईं सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था
सुबह 9 बजे शुरू हो गईं ओपीडी सेवाएं, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथ लैब रिपोर्ट सब रहा जारी
गर्भवती ऑपरेशन, आपातकाल जैसी सेवाएं रही जारी, सिर्फ पूर्व नियोजित ऑपरेशन टाले गए
210 में से 117 डाक्टर रहे हड़ताल में शामिल, सीएमओ-पीएमओ और डीएमएस राठी ने संभाली कमान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) की हड़ताल का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। अस्पताल में सुबह नौ बजे ओपीडी सेवाएं शुरू हो गई। रोजमर्रा की तरह ही एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथ लैब रिपोर्ट जैसी सेवाएं सुचारु रहीं। गर्भवती ऑपरेशन, आपातकाल जैसी सेवाएं भी मरीजों को मिलीं। सिर्फ पूर्व नियोजित ऑपरेशन टाले गए। दोपहर एक बजे तक अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. वीरेंद्र यादव ने डेरा डाले रखा। इस बीच पीएमओ डॉ. जयमाला, डीएमएस डॉ. मनीष राठी ने अस्पताल की व्यवस्था देखी। दोपहर एक बजे तक ओपीडी में परामर्श लेने पहुंचे गिनती के ही लोग रह गए। पैथोलॉजी लैब रिपोर्ट जारी करने के लिए सेवानिवृत अधिकारी बतौर पैथोलॉजिस्ट ड्यूटी पर रहे। ऐसे में लोगों को समय से पैथ लैब रिपोर्ट मिलती रही। एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड के लिए भी विशेषज्ञ सेवा के लिए बाहर से बुलाए गए। इससे ओपीडी मरीजों की जांच जारी रही। ओपीडी में हर दिन की तरह मरीजों की भीड़ रही। मेडिसिन ओपीडी में सेवानिवृत्त डॉ. हजारी प्रसाद बतौर परामर्शदाता मौजूद रहे।
डॉ. हजारी ने बताया कि अस्पताल में वह परामर्शदाता के रूप में नियुक्त हैं। वह सेवाएं देते हैं। उनका हड़ताल से कोई संबंध नहीं है। इसी तरह एनसीडी क्लीनिक में डॉ. राजौरा रहे। उन्होंने पैथ लैब की रिपोर्ट पर भी हस्ताक्षर कर रिपोर्ट जारी की। बाल रोग विभाग की ओपीडी में आई विल संस्था की ओर से पीजी विद्यार्थी सेवा देने के लिए अस्पताल में रहे। स्त्री रोग विभाग में ट्रांसलेशनल स्वास्थ्य विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी संस्थान (टीएचएसटीआई) की ओर से स्त्री रोग विशेषज्ञ और नेत्र विभाग में एनएचएम के मेडिकल अधिकारी (एमओ) के अलावा एसडीटी के पीजी विद्यार्थी सेवा देने के लिए मौजूद रहे। इसके अलावा डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) के डॉक्टर मौजूद रहे।
ओपीडी में पहुंचे 1600 लोग
नागरिक अस्पताल में शुक्रवार को 1600 लोग ओपीडी में पहुंचे। अस्पताल में सबसे अधिक स्त्री, बाल रोग और हड्डी रोगियों की संख्या रही। ऐसे में इन ओपीडी कक्षों में दो-दो डॉक्टरों की सेवाएं सुनिश्चित की गईं। बाल रोग विभाग और मेडिसिन की ओपीडी दोपहर दो बजे तक चलती रही। इस दौरान डिलीवरी से संबंधित 11 ऑपरेशन किए गए, जिनमें से 9 नाॅर्मल और दो सिजेरियन हुए। लगभग 12 ऐसे ऑपरेशन टाल दिए गए जिन्हें पहले से तारीख दे रखी थी।
हड़ताल रहेगी जारी : हड़ताल कर रहे एचसीएमएसए की मांगें हैं कि सीधी भर्ती न करके पदोन्नति के माध्यम से सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) बनाए जाएं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अलग कैडर बनाया जाए। सर्विस में रहते हुए पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) करने के लिए एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने की राशि घटाकर 50 लाख की जाए। एचसीएमएसए के जिला प्रधान डॉ. नवीन घांघस ने बताया कि दस वर्ष पुरानी मांगें मनवाने के लिए एसोसिएशन को यह निर्णय लेना पड़ रहा है। जरूरतमंद मरीजों को होने वाली परेशानी के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
मरीजों को नहीं होगी परेशानी
अस्पताल ओपीडी में व्यवस्था बनाए रखने के लिए एनएचएम, डीएनबी, पीजी विद्यार्थी और सेवानिवृत्त डॉक्टर सेवाएं देंगे। कुल 210 सरकारी डॉक्टरों में से 117 हड़ताल पर रहे। इससे मरीजों पर कोई प्रभाव न पड़े, इसका पूरा ख्याल रखा गया। शुक्रवार को ओपीडी, इमरजेंसी, पैथ लैब और अन्य जांच सुचारू रखी गईं। आगे भी हड़ताल जारी रहने पर यह व्यवस्था बनाई जाएगी। मरीजों को कोई परेशानी नहीं होगी।- डॉ. वीरेंद्र यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी