फर्रुखनगर। श्रीशिव महापुराण कथा के पांचवें दिन देवेश कृष्ण सच्चिदानंद ने कथावाचन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान शिव की महिमा, उपासना और कल्याणकारी स्वरूप के बारे में बताया। उन्होंने श्रोताओं को शिव पुराण के महत्व और इसके पाठ से मिलने वाले लाभों के बारे में भी बताया। कथावाचक ने बताया कि कैसे भगवान शिव ने पार्वती की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर उनसे विवाह करने का निर्णय लिया। इस कथा के दौरान, शिव के विभिन्न अवतारों और लीलाओं का भी वर्णन किया। संवाद