30 जनवरी को ली थी अंजू देवी ने चेयरपर्सन की शपथ
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। फर्जी मार्कशीट के मामले में राजस्थान पुलिस ने रविवार को सोहना नगर परिषद की चेयरपर्सन अंजू देवी को ग्लोबल हाइट्स सोसाइटी से गिरफ्तार कर लिया है। चेयरपर्सन की राजगढ़ जिला अदालत से मार्च में जमानत याचिका खारिज हो गई थी। पहले भी राजस्थान पुलिस चेयरपर्सन को गिरफ्तार करने के लिए सोहना आ चुकी है।
सोहना नगर परिषद चेयरपर्सन पद के लिए 19 जून 2022 को मतदान हुए थे। 22 जून 2022 को मतगणना हुई थी। भाजपा प्रत्याशी अंजू देवी ने आप की प्रत्याशी को 1864 वोट के अंतर से हरा दिया था। इसके बाद आम आदमी पार्टी प्रत्याशी ललिता और उनके पिता ने अंजू देवी की आठवीं कक्षा की मार्कशीट को फर्जी बताया था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था कि अंजू देवी फरीदाबाद के गावं भाखरी से है। 1994-1995 में वह आठवीं कक्षा में फेल हो गई थी। इसके बाद जो आठवीं कक्षा का शैक्षिक दस्तावेज उन्होंने लगाया है,वह फर्जी है।
उनकी आठवीं कक्षा का दस्तावेज राजस्थान के राजगढ़ के गांव राजपुरा बढ़ा के आदर्श पब्लिक स्कूल का है। उस अंक तालिका के फर्जी होने की जांच को लेकर चुनाव आयोग एवं जिला उपायुक्त को शिकायत दी गई थी। 25 जून 2022 को राजगढ़ के राजपुरा के आदर्श पब्लिक स्कूल में उनके शैक्षणिक दस्तावेज की जांच की तो स्कूल संचालक भगवान उपाध्याय ने मार्कशीट को फर्जी बता दिया गया।
उन्होंने बताया कि यह मार्कशीट किसी स्टाफ द्वारा बनाई गई है। मार्कशीट को लेकर भगवान सिंह उपाध्याय के कहने पर उसके बेटे हेमंत उपाध्याय ने टहला थाना जिला राजगढ़ में एफआईआर नंबर 145 दर्ज कराई। इसके बाद हेमंत उपाध्याय ने अंजू देवी से समझौता कर लिया और हाईकोर्ट को भी गुमराह कर अंक तालिका का हवाला नहीं दिया। अंजू देवी ने 30 जनवरी 2023 को नगर परिषद चेयरपर्सन की शपथ ली थी। जिसके बाद भाजपा के खेमे में खुशी थी। लेकिन अंजू की गिरफ्तारी के बाद मायूसी छा गई है