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Gurugram News: छोटी हवाई यात्रा और कम खर्च में मिल रहा बेहतर इलाज

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सार्क, अरब और दक्षिण अफ्रीकी देशों से अधिकतम चार से छह घंटे हवाई यात्रा से दिल्ली पहुंचने में लगते हैं
अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र अत्याधुनिक चिकित्सा गुणवत्ता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण तेजी से अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पर्यटकों के लिए एक प्रमुख विकल्प बना है। कार्डियोलॉजी, ऑन्कोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ दिल्ली एनसीआर में मौजूद हैं। ज्यादातर मरीज दिल और कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए राजधानी क्षेत्र पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यहां सार्क, अरब और दक्षिण अफ्रीकी देशों से अधिकतम चार से छह घंटे की हवाई यात्रा के बाद किफायती चिकित्सा, पेशेंट केयर, पर्यटन स्थल के अलावा रहने के लिए सस्ते विकल्प मिलते हैं। ऐसे में मरीज को किफायती दरों पर कई लाभ एक साथ एक पैकेज में हासिल हो रहे हैं।



विदेशी मरीजों की नजर में एनसीआर की स्वास्थ्य सेवाएं
केस हिस्ट्री-1
संयुक्त राज्य अमेरिका की 45 वर्षीय महिला स्मिथ को क्रोनिक ऑस्टियोआर्थराइटिस के कारण घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी की आवश्यकता थी। अपने देश में स्वास्थ्य देखभाल की बढ़ती लागत के कारण उन्होंने चिकित्सा पर्यटन का विकल्प चुना। वहां घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी की अनुमानित लागत $30,000 से $50,000 तक रही। इसमें अस्पताल शुल्क, सर्जन शुल्क और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल शामिल है। बीमा कवरेज से कुछ खर्चों की कवरेज हुई। अन्य देखभाल और पूर्व सर्जरी खर्च जैसी समस्या के कारण वह अपने देश में इलाज नहीं करा सकी। स्मिथ ने दिल्ली-एनसीआर में अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा मानकों पर खरे मान्यता प्राप्त अस्पताल का विकल्प चुना। यहां घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी सहित प्री-ऑपरेटिव मूल्यांकन, सर्जरी और पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल का कुल खर्च लगभग $ 8,000 रहा।
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केस हिस्ट्री-2
गुरुग्राम के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे अस्पताल में 72 वर्षीय नेपाल के एक मरीज ने पेट के कैंसर का इलाज कराया है। यहां मरीज के इलाज का खर्च डेढ़ से दो लाख के बीच रहा। नेपाल में मरीज को इसी इलाज के लिए सर्जरी बताई गई थी। इसके लिए उसे खर्च भी छह से आठ लाख के बीच बताया गया था। ऐसे मामलों में मरीज को गैस्ट्रेक्टोमी सर्जरी की सलाह दी जाती है। गुरुग्राम स्थित निजी अस्पताल में डॉ. ने ईएमआर प्रक्रिया से मरीज का इलाज किया। एंडोस्कोपिक तकनीक से इस मरीज में खून की कमी नहीं हुई। नारायणा अस्पताल की गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और लीवर प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. सुकृत सिंह सेठी ने कहा कि मरीज अब स्वस्थ है।

विशेषज्ञ की नजर से समझें दिल्ली एनसीआर में चिकित्सा पर्यटन की कम लागत का गणित
डॉ. मेघा रिछारिया - सीएमएस, मणिपाल हॉस्पिटल गुरुग्राम
1. परिचालन लागत :
पश्चिमी देश के अस्पतालों में मैन पावर, प्रशासनिक ओवर हेड्स खर्च और कड़े नियम मरीज पर आर्थिक बोझ बढ़ाते हैं।
2. बुनियादी ढांचा व्यय :
पश्चिमी देशों में अत्याधुनिक सुविधाएं उच्च बुनियादी ढांचे की लागत मरीज के इलाज के खर्च को प्रभावित करती है। दिल्ली एनसीआर के अस्पताल आधुनिक बुनियादी ढांचे में निवेश करते हैं। बावजूद इसके कम निर्माण और रखरखाव लागत के कारण प्रतिस्पर्धी मूल्य कम है।
3. बीमा और मुकदमा : पश्चिमी देशों में कड़े बीमा नियम और मुकदमेबाजी का खतरा उच्च स्वास्थ्य देखभाल लागत में योगदान देता है। भारत की स्वास्थ्य सेवा में ऐसी पेचीदगियां नहीं हैं।
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4. मुद्रा विनिमय दरें : अनुकूल विनिमय दरें भी पश्चिमी देशों के मुकाबले चिकित्सा लागत असमानता में भूमिका निभाती हैं।
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अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने भी किया लागत तुलना पर शोध

चिकित्सा खर्च पर कम लागत के बाद भी मरीज को हेल्थ केयर की गुणवत्ता, अंतरराष्ट्रीय स्तर के मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य विशेषज्ञ, अत्याधुनिक तकनीकी, अनुभवी स्वास्थ्य कर्मचारी और उत्तम पोषण सेवा मिल रही है। अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन की एक स्टडी में लागत तुलना के बारे में बताया गया है। इस शोध के अनुसार अमेरिका में घुटना रिप्लेसमेंट सर्जरी का खर्चा 40,000 डॉलर है। भारत में इस सर्जरी का खर्च लगभग 8500 डॉलर है। इसी तरह, अमेरिका में बोन मैरो ट्रांसप्लांट का खर्चा लगभग 400,000 डॉलर, यूके के अंदर 150,000 डॉलर है। भारत में खास तौर पर दिल्ली एनसीआर में यह खर्च लगभग 30,000 डॉलर है। इस कारण मरीज यहां आकर्षित हो रहे हैं। - युगल कारखुर, सीनियर कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम
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