पुलिस गिरफ्त में संदीप उर्फ बंदर की फाइल फोटो।
अनाज मंडी में मोनोपोली बनाकर करना चाहता था रंगदारी
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। एनआईए के लिए सरदर्द बने संदीप उर्फ बंदर से पूछताछ के बाद हुए खुलासे से पुलिस के होश उड़े हुए हैं। जेल में बंद गैंगस्टर कौशल की वसूली का पूरा नेटवर्क उसके पास था। अनाज मंडी में मोनोपोली बनाकर रंगदारी करना चाहता था। इसी चक्कर में सीआईए पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पांच दिन की पुलिस रिमांड पर मिली जानकारी के बाद अपराध शाखा की टीमें जांच में जुटी हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि कुछ स्थानों पर छापामारी चल रही है। पुलिस जल्द ही कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार कर सकती है जो संदीप उर्फ बंदर के साथ वारदात में शामिल थे।
गैंगस्टर कौशल के नाम की दहशत को कैश कराने का काम संदीप बंदर के पास था। वह रंगदारी वसूलता था। उसे ठीक जगह पहुंचाने से लेकर उसे ठिकाने लगाने तक की जिम्मेदारी संदीप के पास थी। एनआईए के पास गैंगस्टर कौशल की पंजाब जेल से चल रहे पूरे नेटवर्क की जानकारी थी जिसके चलते वह संदीप को दबोचने के लिए तीन बार छापामारी कर चुकी थी। उस पर इनाम बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया था। पुलिस आयुक्त कला रामचन्द्रन की ओर से हरियाणा के डीजीपी को पत्र लिखकर उस पर 50 हजार रुपये के इनाम की संस्तुति की गई थी।
पांच दिन की पुलिस रिमांड के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब में इसने अपना ठिकाने बना रखे थे। नए लड़कों को इसने अपने गिरोह में शामिल कर रखा था।
रंगदारी लेने के साथ कारोबार में अपने आदमी उतार रहा था
पुलिस सूत्रों के अनुसार गैंगस्टर कौशल आढ़तियों से रंगदारी लेने के साथ कारोबार में अपने आदमी उतार रहा था। जैसे किसी एक फल या सब्जी का काम करना है तो पूरे मार्केट में एक ही कारोबारी होगा ताकि रेट वह खोले और मुनाफा उसके पास जाए। यह बात आढ़तियों को नागवार लगी। इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली। पुलिस ने अपना जाल बिछाकर उसे दबोचा था।