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Gurugram News: आरडब्ल्यूए ने ठुकराए बिल्डर के दोनों सेटलमेंट विकल्प

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चिंटेल्स : आपात बैठक का किया गया आयोजन, दोबारा मूल्यांकन के लिए छह फरवरी को मंथन
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर 109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो में बिल्डर और आरडब्ल्यूए के बीच खींचतान बढ़ गई है। बिल्डर की ओर से शनिवार को दिए गए दो सेटलमेंट विकल्प को लेकर आरडब्ल्यूए ने रविवार को आपात बैठक बुलाई। इस दौरान दोनों ही विकल्प आरडब्ल्यूए ने सिरे से खारिज कर दिए। उधर, अब तक सुरक्षित माने जा रहे ए, बी, सी और जे टावर के दोबारा मूल्यांकन के लिए छह फरवरी को अतिरिक्त जिला उपायुक्त (एडीसी) की अध्यक्षता में बैठक बुलाई गई है। अब चिंटेल्स सोसाइटी के सभी नौ टावरों को लेकर बिल्डर और आरडब्ल्यूए आमने-सामने हो गई है।
लगातार हादसों के कारण आईआईटी दिल्ली ने चिंटेल्स सोसाइटी के नौ में पांच टावर असुरक्षित करार दिए थे। इसे फेज-1 कहा गया है। पांच टावरों को खाली करने की प्रक्रिया एक साल से जारी है। अब बिल्डर ने बीते शनिवार को असुरक्षित टावरों में अभी भी जान का जोखिम उठा रहे लोगों को फ्लैट खाली करने के लिए फिर दो विकल्प सुझाए हैं। साथ ही अब तक आंशिक रूप से सुरक्षित (फेज-2) माने जा रहे ए, बी, सी और जे टावर को खाली कराने के लिए भी यही दो विकल्प दिए हैं। बिल्डर के अनुसार सभी को एक जैसा ऑफर दिया जाएगा। इसमें बाय बैक विकल्प के तहत दोबारा चिंटेल्स सोसाइटी से घर खरीदने का ऑफर है। इसके अलावा दूसरा विकल्प दोबारा घर निर्माण कराने का ऑफर दिया गया है। बिल्डर ने आरडब्ल्यूए को पांच मार्च तक का समय दिया है। इस बीच यह भी चेताया है कि फेज-1 के साथ ही फेज-2 वाले भी किसी एक विकल्प का चयन कर अपना पसंदीदा विकल्प चुनें। बिल्डर के ऑफर को देखकर आरडब्ल्यूए चिंता में है कि इस बार फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) घट सकता है। साथ ही अन्य कई पहलू आरडब्ल्यूए को चिंता में डाल रहे हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर रविवार को आरडब्ल्यूए ने बैठक बुलाकर एक दूसरे की आशंकाओं पर बात की।
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इसलिए विवादों में है चिंटेल्स सोसाइटी
दो साल पहले 10 फरवरी 2022 को गुरुग्राम के सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के टॉवर डी की छठीं मंजिल की छत का एक हिस्सा गिर गया था। इसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए थे। हादसे के करीब नौ महीने बाद आईआईटी दिल्ली के एक्सपर्ट्स की संरचनात्मक जांच में यह टॉवर रहने योग्य नहीं पाया गया है। ऐसे में इसे ध्वस्त किया जाएगा।

सुरक्षित टावरों में सीबीआरआई का ऑडिट जारी
सोसाइटी के जे टावर में जान का खतरा होने पर 31 जनवरी से सुरक्षित घोषित बी टावर का भी ऑडिट (विश्लेषण) शुरू हो गया है। केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की की टीम ने यह विश्लेषण शुरू किया है। इसके बाद टीम अन्य दोनों ए और सी टावरों का विश्लेषण शुरू करेगी। अब सीबीआरआई की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि केवल जे टावर खाली होगा या पूरी सोसाइटी ही ध्वस्त करने की नौबत है। हाल ही में जिला और आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में जे टावर को भी रहने के लिए असुरक्षित घोषित किया जा चुका है।
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बिल्डर के दोनों ही विकल्प आरडब्ल्यूए को रास नहीं आ रहे। कई मुद्दों पर बिल्डर स्थानीय लोगों को भटकाने की कोशिश कर रहा है। एफएआर सहित कई मुद्दों पर स्पष्टता नहीं है। आगामी छह फरवरी को प्रशासनिक मध्यस्थता से दोबारा मूल्यांकन के लिए बैठक है। इस दौरान सभी चिंताओं के बारे में चर्चा करेंगे।

- राकेश हुड्डा, आरडब्ल्यूए प्रधान, चिंटेल्स पैराडाइसो
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