महज 13 वर्ष की उम्र में कृष्णा कराटे के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। केंद्रीय विद्यालय संगठन की क्षेत्रीय प्रतियोगिता में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनका लक्ष्य बेहतर प्रदर्शन करते हुए आगे की प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करना है। कृष्णा केंद्रीय विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा हैं। उनके पिता गोपाल ने बताया कि बेटी को खेलों से खास लगाव है। वह नियमित रूप से अभ्यास करती हैं और अपनी तकनीक को बेहतर बनाने पर ध्यान देती हैं। कृष्णा रोजाना पांच से छह घंटे अभ्यास में बिताती हैं। खेल के प्रति उनका समर्पण और मेहनत उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। कोच सुनील सैनी ने बताया कि कृष्णा एक मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी हैं। वह अभ्यास के दौरान पूरी लगन से तकनीक सीखती हैं और अपने प्रदर्शन में सुधार करने का प्रयास करती हैं। कोच के अनुसार, कृष्णा में आगे बढ़ने की अच्छी संभावनाएं हैं। निरंतर अभ्यास और मेहनत से वह उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही हैं। उनका प्रयास राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर पदक जीतना और प्रदेश का नाम रोशन करना है। कृष्णा की खेल यात्रा अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है कि पढ़ाई के साथ अपनी रुचि के खेल में नियमित अभ्यास और अनुशासन से आगे बढ़ा जा सकता है।