तहसीलदार सहित 9 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार, नगर निगम का जेई और जेटीओ फरार
तहसीलदार के सरकार में बैठे लोगों से भी संबध, एसीबी खंगाल रहा है आरोपी की प्रॉपर्टी
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। औद्योगिक क्षेत्र की जमीन को एग्रीकल्चर करने में नगर निगम के अधिकारियों की भी मिलीभगत का एंटी करप्शन ब्यूरो ने खुलासा किया है। जो जमीन अवैध कालोनी में थी उसे नगर निगम की सूची में वैध कालोनी में डाल दिया था। यही नहीं उस जमीन पर विकास शुल्क की रसीद भी जारी की जाती थी। एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में नगर निगम में तैनात रहने वाले तत्कालीन अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं।
एसीबी ने गुरुग्राम में तैनात तहसीलदार दीपक कंबोज को सवा दो करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा कर जमीन की रजिस्ट्री करने के मामले में गिरफ्तार किया है। ब्यूरो ने नगर निगम में तैनात जेटीओ और एक जेई को आरोपी बनाया है। जिन्होंने मोटी रकम लेकर कागजों में हेर-फेर किया है। एसीबी ने अब तक इस मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें रजिस्ट्री क्लर्क से लेकर वसीका नवीस व नक्शा बनाने वाले भी शामिल हैं।
घूस के पैसे का का होता था बंटवारा
एसीबी की छानबीन में पता चला कि वसीका नवीस से लेकर रजिस्ट्री क्लर्क और नगर निगम के जिम्मेदार लोगों को यह पैसा जाता था। छानबीन के दौरान ब्यूरो की ओर से आरोपी की प्राॅपर्टी खंगाली जा रही है। जिसको मुकदमे अटैच करने की तैयारी है। एसीबी की ओर से छानबीन में उसके संपर्क में रहने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
सरकार में बैठे लोगों से थे गहरे संबंध
बताते हैं की सरकार में अहम पद पर बैठे लोगों से तहसीलदार दर्पण कंबोज के गहरे संबंध थे। जिसके चलते वह जिले में तैनात अधिकारियों को भी नजरअंदाज करता था। उसका अपना एक रैकेट था। जो पूरे सिस्टम में काम करता था। ज्यादातर लोगों से बातचीत व्हाट्सएप पर ही करता था।
तहसीलदार ने अधिकार का किया गलत प्रयोग
तहसीलदार ने भ्रष्टाचार के दौरान जिस वारदात को अंजाम दिया है उसमें उसका अधिकार आड़े हाथ आ रहा है। नगर निगम की ओर से मिलीभगत के कारण सब कुछ सामान्य दिखता था। ऑन लाइन रजिस्ट्री न करने का कारण था कि अगर ऑन लाइन रजिस्ट्री करता तो उसमें स्टांप ड्यूटी की चोरी पकड़ी जाती। इसके लिए उसने अपने अधिकारों का प्रयोग कर इनकी रजिस्ट्री किया है।
वर्जन
रजिस्ट्री में स्टांप ड्यूटी चोरी के मामले में तहसीलदार सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नगर निगम का जेई व जेटीओ फरार चल रहा है। उनकी गिरफ्तारी के बाद जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - चन्द्रमोहन, प्रभारी एंटी करप्शन ब्यूरो, गुरुग्राम।