हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने प्रदूषण नियंत्रण विभाग की समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पॉलिथीन मुक्त हरियाणा बनाने के लिए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। मंत्री ने व्यक्त किया कि बैठक में मिले जवाब उम्मीद के मुताबिक संतोषजनक नहीं थे।
राव नरबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि पॉलिथीन बेचने वाले बड़े स्टॉकिस्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने मानसून के आगमन से पहले सभी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की साप्ताहिक जांच के निर्देश दिए। मंत्री ने जोर दिया कि हरियाणा से दिल्ली की ओर जाने वाला पानी शत प्रतिशत शोधित किया जाएगा। इस कदम से यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि जून महीने तक नए शोधन संयंत्र तैयार हो जाएंगे। इन नए संयंत्रों से गुरुग्राम शहर को जलभराव और प्रदूषण की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री ने अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को गंभीरता से लागू करने का आदेश दिया। उनका लक्ष्य राज्य में पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार लाना है। यह पहल स्वच्छ और स्वस्थ हरियाणा के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
पॉलिथीन मुक्त हरियाणा पर कार्रवाई
मंत्री ने पॉलिथीन के बड़े स्टॉकिस्टों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य राज्य को पॉलिथीन कचरे से पूरी तरह मुक्त करना है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियान के लिए महत्वपूर्ण है। अधिकारियों को इस दिशा में सक्रियता से काम करने को कहा गया है।
जल शोधन और प्रदूषण नियंत्रण
राव नरबीर सिंह ने मानसून से पहले एसटीपी की साप्ताहिक जांच के सख्त आदेश दिए। हरियाणा से दिल्ली जाने वाले पानी को पूरी तरह से शोधित किया जाएगा। इससे यमुना नदी को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी और उसकी स्वच्छता सुनिश्चित होगी। जून तक नए शोधन संयंत्र गुरुग्राम को जलभराव और प्रदूषण से राहत देंगे। यह पहल शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने में सहायक होगी।