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Gurugram News: बारह में से आठ बार, काबिज रहा राव बीरेंद्र सिंह का परिवार

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गुरुग्राम लोकसभा:
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- दक्षिण हरियाणा में रेवाड़ी को माना जाता है अहीरवाल राजनीति का गढ़

- 1977 से 2019 तक इस लोकसभा सीट पर रहा पिता-पुत्र का आठ बार कब्जा



- पिता ने तीन बार तो बेटे ने पांच बार लहराया जीत का परचम, छठीं बार फिर मैदान में





मनोजधर द्विवेदी

गुरुग्राम। दक्षिण हरियाणा में रेवाड़ी को अहीरवाल की राजनीति का गढ़ माना जाता रहा है। इसी अहीरवाल क्षेत्र महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम लोकसभा चुनाव में 1977 से 2019 तक के चुनावों में आठ बार राव बीरेंद्र सिंह और उनके बेटे व मौजूदा सांसद राव इंद्रजीत सिंह का कब्जा रहा है। पिता राव बीरेंद्र सिंह जहां दो बार कांग्रेस और एक बार जनता दल के टिकट से लोकसभा पहुंचे। वहीं बेटा राव इंद्रजीत सिंह तीन बार कांग्रेस और दो बार भाजपा के टिकट पर लोकसभा तक पहुंचे हैं। छठवीं बार भी भाजपा ने राव इंद्रजीत सिंह पर ही दांव लगाया है। इन दोनों के बीच दो बार कर्नल राम सिंह, एक बार सुधा यादव और एक बार मनोहर लाल सैनी भी इसी सीट से सांसद रहे।



गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र की राजनीति के केंद्र बिंदु में हमेशा से रेवाड़ी का दबदबा रहा है। जब पंजाब राज्य में था तब भी गुरुग्राम सीट पर रेवाड़ी के दिग्गजों का बोलबाला रहा था। एक नवंबर 1966 में हरियाणा राज्य अस्तित्व में आया था। इसके बाद 1977 में गुरुग्राम को महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र में शामिल किया गया, जबकि 2009 में गुरुग्राम अलग लोकसभा क्षेत्र बना। हरियाणा राज्य के अस्तित्व में आने के बाद से इस सीट पर कुल 12 लोकसभा चुनाव हुए और इनमें से आठ बार के चुनाव में जीत का सेहरा राव बीरेंद्र सिंह और उनके बेटे राव इंद्रजीत सिंह के सिर पर ही सजा। 12 लोकसभा चुनावों में 8 बार इस सीट पर राव बीरेंद्र सिंह परिवार का दबदबा रहा।
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गुरुग्राम लोकसभा सीट का इतिहास:


हरियाणा के अलग राज्य बनने के बाद 1967 में चौथी लोकसभा के चुनाव हुआ था। इसमें गुरुग्राम सीट पर अब्दुल गनी डार ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी। उस वक्त गुरुग्राम और महेंद्रगढ़ अलग-अलग संसदीय क्षेत्र होते थे। 1971 में लोकसभा चुनाव में गुरुग्राम लोकसभा से तैयब हुसैन सांसद बने। वर्ष 1977 में गुरुग्राम को महेंद्रगढ़ सीट में शामिल कर दिया गया। इंदिरा गांधी ने आपातकाल खत्म कर दिया था तो इसी वर्ष लोकसभा चुनाव हुए। जनता पार्टी की लहर में महेंद्रगढ़ सीट पर मोहन लाल सैनी ने विशाल हरियाणा पार्टी के राव बीरेंद्र सिंह को चुनावी समर में धूल चटाई। वर्ष 1980 के लोकसभा चुनाव में राव बीरेंद्र सिंह ने रामबिलास शर्मा को हराकर महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट पर कब्जा किया। वर्ष 1984 में एक बार फिर इतिहास दोहराया गया। इस बार भी राव बीरेंद्र सिंह ने रामबिलास शर्मा को पराजित किया। वर्ष 1989 के आम चुनावों में जनता दल से राव बीरेंद्र सिंह ने कर्नल राम सिंह को हराकर महेंद्रगढ़ लोकसभा की सीट जीती थी।

वर्ष 1996 लोकसभा चुनाव में कर्नल राम सिंह ने अपनी दो बार की हार का बदला लिया, इस बार कर्नल राम सिंह भाजपा ने राव बीरेंद्र सिंह को पराजित किया।

इसके बाद महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र की कमान राव बीरेंद्र के बेटे राव इंद्रजीत के पास आ गई। 1998 में राव इंद्रजीत ने कांग्रेस के टिकट पर कर्नल राम सिंह को पराजित कर महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट पर कब्जा कर लिया। हालांकि केंद्र की सरकार ज्यादा देर नहीं चली और 1999 में देश में फिर से लोकसभा चुनाव हुए। इसमें कारगिल शहीद की पत्नी डॉ. सुधा यादव को भाजपा ने राव इंद्रजीत के सामने लड़ाया और महेंद्रगढ़ सीट पर कब्जा कर लिया। 2004 में राव इंद्रजीत ने महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट पर सुधा यादव को हराकर सीट पर दोबारा से कब्जा कर लिया। साल 2009 में एक बार फिर गुरुग्राम लोकसभा सीट अस्तित्व में आई। इसमें राव इंद्रजीत ने बीएसपी के जाकिर हुसैन को हराया। वहीं साल 2014 में राव इंद्रजीत ने आईएनएलडी से उतरे जाकिर हुसैन को हराकर सीट पर बादशाहत कायम की। 2004 और 2009 में राव इंद्रजीत कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़े, जबकि 2014 में उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता। वर्ष 2019 में राव इंद्रजीत ने कैप्टन अजय यादव को हराया था। साल 2024 में एक बार फिर बीजेपी से चुनावी मैदान में हैं।
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18 लोकसभा चुनावों में 10 बार कांग्रेस जीती:


गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र में दो बार बदलाव हुआ। 1952 में गुरुग्राम में फरीदाबाद क्षेत्र शामिल था। 1977 से 2008 तक गुरुग्राम लोकसभा खत्म कर महेंद्रगढ़ बना दिया गया था। साल 2009 में फिर से गुरुग्राम लोकसभा बनाया गया था। ऐसे में साल 1952 से 2019 तक हुए 18 लोकसभा चुनावों में 10 बार कांग्रेस उम्मीदवार गुरुग्राम सीट पर विजयी रहे हैं। चार बार बीजेपी प्रत्याशी भी विजयी होकर संसद तक पहुंचे। इस सीट से जनता दल और निर्दलीय प्रत्याशी भी लोकसभा तक पहुंचे हैं।



1952 में फरीदाबाद भी गुरुग्राम लोकसभा में था शामिल

साल सांसद पार्टी

1952 ठाकुर दास भार्गव कांग्रेस

1957 अबुल कलाम आजाद कांग्रेस

1958 प्रकाशवीर शास्त्री निर्दलीय

1962 गजराज सिंह यादव कांग्रेस

1967 अब्दुल गनी डार निर्दलीय

1971 तैय्यब हुसैन कांग्रेस





1977 से 2008 तक महेंद्रगढ़ में शामिल रहा गुरुग्राम:
साल सांसद पार्टी



1977 मोहन लाल सैनी जनता पार्टी

1980 राव बीरेंद्र सिंह कांग्रेस

1984 राव बीरेंद्र सिंह कांग्रेस

1989 राव बीरेंद्र सिंह जनता दल

1991 कर्नल राम सिंह कांग्रेस

1996 कर्नल राम सिंह भाजपा

1998 राव इंद्रजीत सिंह कांग्रेस

1999 डॉ. सुधा यादव भाजपा

2004 राव इंद्रजीत सिंह कांग्रेस



2009 में गुरुग्राम लोस क्षेत्र बना

साल सांसद पार्टी

2009 राव इंद्रजीत सिंह कांग्रेस

2014 राव इंद्रजीत सिह भाजपा

2019 राव इंद्रजीत सिंह भाजपा

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