सीएनजी भरने के बाद रुपये मांगने पर पंप कर्मियों पर हमला
नखड़ोला गांव के निकट सीएनजी पंप हंगामा, दो आरोपी काबू
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित सीएनजी पंप पर युवकों जम कर उत्पात मचाया। नखड़ोला गांव के निकट सीएनजी पंप पर बुधवार रात 12:30 बजे कार सवार युवकों ने पहले 600 रुपये की सीएनजी भरवाई और रुपये मांगने पर पंप कर्मियों के साथ लाठी, डंडों से पिटाई कर दी। इसमें तीन पंप कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि एक अन्य को भी चोटें आई हैं। वहीं दो आरोपी युवकों को पंप कर्मियों ने पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया। दोनों आरोपियों की पहचान मानेसर के प्रवेश और नवीन के रूप में हुई। आरोपियों की संख्या सात से आठ बताई जा रही है, जिनकी पहचान कर ली गई है।
नखड़ोला गांव के निकट इंडियन ऑयल का पेट्रोल पंप है। जिस पर सीएनजी भी मिलती है। बुधवार रात 12:30 बजे एक गाड़ी में युवक सीएनजी भरवाने के लिए पहुंचे। पंप कर्मियों ने सीएनजी भरने से पहले सभी को गाड़ी से बाहर आने को कहा तो नशे में धुत कई युवकों ने बाहर आने से मना कर दिया, लेकिन नियम के बारे में बताकर सभी को निकाला।
कर्मियों ने गाड़ी में सीएनजी भरने के बाद 600 रुपये मांगे तो युवकों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इस बीच पंप कर्मियों ने मैनेजर को सूचना दी। मैनेजर पहुंचे और बीच-बचाव करने लगे, लेकिन नशे में धुत आरोपियों ने कर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। वहीं हमलावरों ने डंडों से पंप कर्मियों के सिर पर वार करने शुरू कर दिए। जिससे तीन पंप कर्मी बेहोश हो गए, लेकिन युवकों ने मारपीट बंद नहीं की। करीब 20 मिनट तक यह मारपीट जारी रखी। इस दौरान एक पंप कर्मी ने आरोपियों को भगाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर से धुआं भी किया लेकिन युवकों ने उसे भी बुरी तरह पीटा। इसके बाद आरोपी भाग निकले। मामले में दो युवकों को पंप कर्मियों ने पकड़ लिया और कुछ ही देर बाद पहुंची पुलिस को सौंप दिया।
खेडक़ीदौला थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि पंप पर कार्यरत कृष्ण, आकाश, बिजू व सुखबीर घायल हुए हैं। जो प्राइवेट अस्पताल में एडमिट कराए गए हैं। इनमें से कृष्ण, आकाश व बिजू को गंभीर चोटें लगने के कारण आईसीयू में भर्ती कराया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की पहचान मानेसर निवासियों के रूप में हुई है। जबकि एक पटौदी का रहने वाला है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
संचालक ने बताया साजिश का हिस्सा
पंप संचालक का आरोप है कि जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया है। उस हिसाब से नहीं लगता कि गुरुग्राम में कोई 600 रुपये के लिए इतना विवाद करेगा। पहले तो कार से आरोपी उतर नहीं रहे थे, जब उतरे तो कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कर्मचारियों को पीटते हुए ऐसे प्वाइंट पर ले गए जहां पर कैमरे की पहुंच नहीं थी। इसका मतलब आरोपियों सो यह पता था कि किस प्वाइंट पर कैमरा नहीं काम करता है।