आगे कहा कि हरियाणा और राजस्थान की सरकारें मिलकर हमारे अरमानों से खेल रही हैं। दोनों पीड़ित परिवारों की तरफ से इस बार धरना शुरू किया गया है। वहीं इस धरने में 10 नवंबर 2017 में तथाकथित गोरक्षकों की गोली का शिकार हुए उमर खान घाटमीका व रकबर खान कोलगांव का परिवार भी शामिल होगा। इस बात की जानकारी उमर के बेटे विक्रम खान व रकबर की बेटी शाइमा ने दी। उन्होंने कहा कि हमारे पिताओं को गोरक्षकों ने पीट-पीटकर मार डाला था, हमें अभी तक न्याय नहीं मिला। राजस्थान सरकार की तरफ से कोई मुआवजा भी नहीं दिया गया।
उन्होंने मांग की है कि हमारे पुनर्वास के लिए राजस्थान सरकार को कुछ करना चाहिए। मजबूरन सोमवार से हम धरने पर पहुंचेंगे और इसे अब तक का सबसे बड़ा और सफल धरना बनाकर दिखाएंगे। बता दें कि घाटमीका गांव के उमर खान के छोटे बेटे विक्रम खान और नूंह जिले के कोलगांव के रकबर की बड़ी बेटी शाइमा ने पिछले साल शादी की थी। यह शादी देश-विदेश में चर्चा का विषय रही, क्योंकि पहलू खान के बाद उमर और रकबर हत्याकांड मॉब लिंचिंग के जीते जागते उदाहरण रहे। इन्होंने इंसानियत को शर्मसार कर दिया था।