27 लाख लीटर क्षमता के टैंक बनाए जाने की स्वीकृति दो साल पहले मिली थी मगर कार्रवाई नहीं हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डीएलएफ फेज-2 में जितनी जनसंख्या बढ़ी है, उसके अनुसार पानी की आपूर्ति नहीं बढ़ाई गई। गंदगी की समस्या और स्ट्रीट लाइट आदि समस्याओं को लेकर विपिन यादव के नेतृत्व में निवासियों के एक प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को सीनियर टाउन प्लानर रेणुका सिंह और मंगलवार को नगर निगम के संयुक्त आयुक्त डाॅ. नरेश कुमार से मुलाकात कर समस्या बताईं। लोगों ने डीएलएफ फेज -2 की समस्याओं को लेकर लोगों ने सीएम विंडो में शिकायत की थी। सीएम विंडो से मामला एसटीपी के पास भेज दिया था।
विपिन यादव के अनुसार एसटीपी ने बताया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के साथ किए गए करार में डीएलएफ को फेज -2 में दो पानी के टैंक बनाने थे, वे उसे बना चुके हैं। उन्होंने इसकी शिकायत नगर निगम और जीएमडीए में करने को कहा। अब वहां की जनसंख्या काफी बढ़ चुकी है। डीएलएफ जरूरत के मुताबिक पानी की आपूर्ति करने में अक्षम है।
फिलहाल डीएलएफ फेज-2 में करीब 50 हजार निवासी रहते हैं। जीएमडीए से मौजूदा समय में एक व्यक्ति के लिए औसतन 80 लीटर पानी मिल रहा है जबकि जीएमडीए के वादे के अनुसार एक व्यक्ति के लिए 135 से 150 लीटर पानी मिलना चाहिए। फेज -2 में पानी की आपूर्ति के लिए पानी संग्रह हेतु दो अंडर ग्राउंड और ओवरहेड टैंक हैं, जिनमें करीब 50 लाख लीटर पानी एकत्र हो सकता है। यहां पानी की जरूरत पूरी करने के लिए 27 लाख लीटर की क्षमता के टैंक बनाए जाने की स्वीकृति दो साल पहले मिली थी मगर कार्रवाई नहीं हुई।
इससे इलाके में पानी इसके लिए जीएमडीए और नगर निगम को फिर से आवेदन दिया जाएगा। निगम के संयुक्त आयुक्त ने सफाई कर्मियों को निर्देश जारी किए ताकि इलाके में सफाई कराई जा सके। स्ट्रीट लाइट नहीं जलने की समस्या को लेकर भी लोगों ने अधिकारियों को ध्यान देने के लिए कहा।