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Gurugram News: दिल्ली कूच के लिए निकले किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया

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हिरासत में लेने के दौरान हुई झड़प, उपायुक्त ने कहा- बातचीत के लिए जल्द तय की जाएगी तारीख
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। मंगलवार को दिल्ली कूच की तैयारी में निकले किसानों को पुलिस ने हिरासत में लेकर उनकी यात्रा पर रोक लगा दी। इस दौरान किसानों की पुलिस के साथ मामूली झड़प भी हुई। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत स्थानीय किसान तहसील कार्यालय के सामने पैदल मार्च करते हुए निकले। इससे पहले किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अलावा मानेसर के आसपास के गांवों की अधिग्रहण की गई जमीन के उचित मुआवजे की मांग के लिए बैठक कर यात्रा की रणनीति बनाई। जिला उपायुक्त का दावा है कि किसानों से जल्द सरकार के प्रतिनिधि वार्ता करेंगे।
मानेसर के आसपास के गांवों की जमीन के अधिग्रहण और एमएसपी पर कानून की मांग कर रहे किसानों का समर्थन करने के लिए किसान एकजुट हुए। किसान नेताओं ने अपने संबोधन में केंद्र और राज्य सरकार की आलोचना कर सरकार विरोधी नारेबाजी की। दक्षिण हरियाणा किसान खाप मंच के बैनर तले किसान बचाओ जमीन बचाओ स्थानीय संघर्ष समिति ने दिल्ली कूच की तैयारी की।
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इसकी अध्यक्षता जजपा के जिला प्रधान श्योचंद यादव सरपंच ने की। समिति के संयोजक सत्यदेव ने इसकी अगुआई की। समिति सचिव मोतीलाल ने बताया कि ज्यादातर स्थानीय किसान अपनी जमीन के उचित मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब किसानों ने स्थानीय मांग के अलावा दिल्ली में एकजुट होने वाले किसानों का समर्थन करने का मन बनाया है। इसके लिए वह मंगलवार को दिल्ली कूच के लिए रवाना होने की तैयारी में थे। हालांकि दिल्ली कूच से पहले ही स्थानीय पुलिस ने किसानों का घेराव कर उन्हें रोक लिया। अन्य किसानों ने बताया कि मानेसर के आसपास के गांवों की 1128 एकड़, 1810 एकड़, 162 एकड़ और 912 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किए लगभग आठ साल बीत गए हैं। इस बीच सरकार से आज तक उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसके लिए किसान दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। ऐसे में वह मंगलवार को दिल्ली कूच के लिए पैदल मार्च करते हुए निकले। यहां से पुलिस किसानों को नोरंगपुर पुलिस लाइन ले गई। हिरासत में लेने के दौरान मामूली झड़प भी हुई। कुछ किसान बाद में भी तहसील परिसर में शाम तक धरने पर बैठे रहे। इस अवसर पर रोहतास यादव प्रधान, रवि यादव, संतोष झाड़सा, मोनू यादव, पवन डागर व संतोख सिंह एडवोकेट किसानों का समर्थन करने पहुंचे।
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पहले से सतर्क थी पुलिस
पुलिस पहले से ही किसानों के इस पैदल मार्च को लेकर सतर्क थी। सुबह से ही तहसील कार्यालय के सामने बड़ी तादाद पुलिसबल तैनात था। मानेसर के अलावा पटौदी थाने से भी पुलिस कर्मी आए हुए थे। इनमें महिला पुलिस की तैनाती बराबर की रही। मुख्य सड़क पर पहले से ही खड़ी पुलिस की चार में से तीन बसों में किसानों को लेकर चली गई। एसीपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि दिल्ली कूच से पहले ही प्रशासन ने धारा 144 लगा दी थी। बावजूद इसके किसान एकजुट हुए। ऐसे में किसानों को हिरासत में लिया गया। जिला उपायुक्त निशांत यादव ने बताया कि स्थानीय संघर्ष समिति मुआवजे की मांग कर रही है। इसके लिए वह लगातार स्थानीय किसान नेताओं से संपर्क में हैं। जल्द सरकार से उनकी बातचीत के लिए तारीख तय की जाएगी। किसान दिल्ली कूच नहीं करेंगे।
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