गुरुग्राम। जिले की आबोहवा को दुरुस्त करने के लिए सौ फीसदी कोयले और जेनरेटर पर चलने वाली औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी और बायोमास पर शिफ्ट होने के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार ऐसी 274 यूनिटों को पहले चरण में शिफ्ट होना था। जिसमें 237 यूनिटों में ये काम पूरा हो चुका है, 37 यूनिटों में इसको जल्द ही पूरा किया जाएगा।
पीएनजी लाइनों से लैस औद्योगिक इलाकों में पहली अक्तूबर तक शिफ्टिंग का समय दिया गया है। जिन औद्योगिक इलाकों में पीएनजी लाइन अभी तक नहीं बिछी है, वहां पहली जनवरी 2023 तक की मोहलत दी गई है। जनवरी 2023 तक पीएनजी आपूर्तिकर्ता कंपनियों को सभी औद्योगिक क्षेत्रों में गैस पाइप लाइन बिछाने का निर्देश दिया गया है। जिससे उद्यमियों को कनेक्शन लेने में सहूलियत हो। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए पूरे एनसीआर क्षेत्र में सख्ती बढ़ा दी है, जिसके तहत वायु प्रदूषण में इजाफा कर रही कोयला संचालित इकाइयों को हर हाल में पीएनजी या बायोमास में शिफ्ट किया जाएगा।
शिफ्ट होने की प्रगति
1-मानेसर में 152 यूनिट पीएनजी से लैस हुई, 13 में काम जारी
2-गुरुग्राम में 85 यूनिट पीएनजी में शिफ्ट, 25 में अभी काम जारी
3-एचजीसीएल के 700 और आईजीएल के 200 कमर्शियल कनेक्शन
4-कमर्शियल पीएनजी का रेट 65.91 रुपये प्रति घनमीटर तक पहुंचा
5-जनवरी में 48.90 था रेट, आठ महीने में 17.01 रुपये बढ़ा दाम
6-टैक्स में एक रुपये और सरचार्ज में 05 पैसे बढ़ाए गए इसी वर्ष
7-दोनों कंपनियों को नये क्षेत्रों में आपूर्ति बढ़ाने का निर्देश दिया गया
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पीएनजी में इकाइयों को शिफ्ट करना महंगा काम है। एक सामान्य यूनिट में इसका खर्च 22 से 25 लाख रुपये तक पहुंच गया है। गैस का प्रेशर भी बड़ी समस्या है। सरकार को इसके लिए थोड़ा और समय देना चाहिए।
-प्रवीण यादव, कारोबारी।
पीएनजी का रेट लगातार बढ़ रहा है। अलग अलग इलाकों में इसका भाव अलग अलग है। इसे एक सामान करने की जरूरत है। जिससे उद्यमियों को बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो सके। -हरीश वत्स, कारोबारी।
गुरुग्राम औद्योगिक क्षेत्र की 85 यूनिटों को शिफ्ट किया जा चुका है, 25 में काम जारी है। जिसे 20 से 25 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। प्रदूषण को कम करने के लिए सभी निर्देशों पर सख्ती से अमल कराया जा रहा है। -कुलदीप सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गुरुग्राम।
मानेसर औद्योगिक क्षेत्र की 165 इकाइयों को पीएनजी या बायोमास में शिफ्ट होना था, 152 में गैस से काम शुरू हो गया है। 13 में काम बाकी है। -संदीप सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी मानेसर।