गुरुग्राम। नाथूपुर गांव स्थित एक संपत्ति को गिराने से रोकने के लिए दायर अंतरिम स्थगनादेश की याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने साफ किया है कि नगर निगम जैसी वैधानिक संस्थाओं को उनके कानून सम्मत अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करने से रोका नहीं जा सकता। रामेश्वरी ने अदालत में दायर की याचिका में बताया कि विवादित संपत्ति नाथूपुर गांव के आबादी लाल डोरा के तहत आती है और यह पुराना पैतृक निर्माण है। उन्होंने हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 261(1) और 262(1) के तहत जारी नोटिस व आदेशों को अवैध और क्षेत्राधिकार से बाहर बताया। सिविल जज (ज्यूनियर डिवीजन) आयुष गर्ग ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि नगर निगम द्वारा अवैध निर्माण के खिलाफ की जाने वाली वैधानिक कार्रवाई पर इस शुरुआती स्तर पर कोई रोक नहीं लगाई जा सकती। अदालत ने नगर निगम गुरुग्राम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे कानून के दायरे में रहकर ही काम करें। संवाद