गुरुग्राम। जिला अदालत ने अवैध रूप से बिजली इस्तेमाल करने पर लगे जुर्माने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। यह फैसला सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मनजौत कौर की अदालत ने सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिजली जुर्माने से जुड़े मामले सिविल अदालत के क्षेत्राधिकार से बाहर हैं। मामला 25 नवंबर 2022 का है, जब बिजली निगम की टीम ने माया रीजेंसी में छापा मारा गया था। जांच के दौरान सामने आया कि परिसर में घरेलू बिजली मीटर लगा हुआ था, लेकिन उसका उपयोग गैर-घरेलू यानी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। निगम ने मौके की वीडियोग्राफी कर पुख्ता सबूत जुटाए और उपभोक्ता पर 5.31 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोक दिया। इस जुर्माने के विरोध में अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज करते हुए कहा कि बिजली के इस्तेमाल पर लगे जुर्माने के मामले सिविल अदालत के सुनने के क्षेत्राधिकार से बाहर है। संवाद