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Gurugram News: पानी के लिए दस साल से संघर्ष कर रहे पाम हिल सोसाइटी के लोग

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अंडरग्राउंड केबल कटने से शोभा सिटी में 28 घंटों से पावर कट, चल रहा जेनरेटर

दस साल पहले बसी पाम हिल सोसाइटी में आज तक नहीं डाली गई पेयजल लाइन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी की पॉश सोसाइटियों में भी समस्याओं की भरमार है। बिजली-पानी की समस्या यहां आम बात है। सेक्टर-108 की शोभा सिटी में मंगलवार और बुधवार को करीब 26 घंटों तक बिजली की सप्लाई बंद रही। ऐसे में इस साेसाइटी के करीब 300 परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान यहां जेनरेटर से बिजली सप्लाई ली गई। उधर, सेक्टर-77 की पाम हिल सोसाइटी में दस साल बाद भी पेयजल लाइन नहीं डाली गई है। इस सोसाइटी के भी करीब डेढ़ हजार परिवारों को पिछले दस साल से पानी खरीदना पड़ रहा है।
केबल फॉल्ट के कारण बिजली संकट
दौलताबाद सबस्टेशन से आने वाले केबल टूटने और इसके बाद सोसाइटी के वैक्यूम सर्किट ब्रेकर में फॉल्ट आने के कारण सेक्टर 108 स्थित शोभा सिटी में मंगलवार सुबह से बुधवार दोपहर तक बिजली नहीं थी। निवासियों ने बताया कि इस दौरान यहां रहने वाले करीब 300 परिवारों को जेनरेटर आधारित बिजली से काम चलाना पड़ा। स्थानीय निवासी एसपी राणा ने बताया कि सोसाइटी के लिए 33 केवीए सबस्टेशन का निर्माण चल रहा है। दौलताबाद सब स्टेशन से आने वाले केबल में कहीं फॉल्ट आ गया था। मंगलवार को सुबह 10 बजे गई बिजली दोबारा दोपहर करीब 12 बजे बहाल हो पाई। इस दौरान पूरी सोसाइटी जेनरेटर पर थी। जेनसेट से मिलने वाली बिजली करीब 26 रुपये प्रति यूनिट पड़ती है। यहां जरूरत के अनुसार जेनरेटर भी उपलब्ध नहीं है। तरुण मुखर्जी ने बताया कि अभी सोसाइटी में 1600 फ्लैट और बनने हैं। दूर से केबल आने के कारण यहां दिक्कतें आती रहती हैं। दोपहर तक बिजली आ गई थी। बिजली निगम फॉल्ट को काफी हल्के में लेता है।
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पालम विहार के बिजली निगम के एसडीई सत्यवीर सिंह ने बताया कि सबस्टेशन से शोभा सिटी की ओर जाने वाला अंडर ग्राउंड केबल टूट जाने के कारण परेशानी आई। फाल्ट ढूंढने में वक्त लगा। मंगलवार शाम तक केबल फॉल्ट की मरम्मत की गई, मगर सोसाइटी के वीसीबी में गड़बड़ी के कारण वहां बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं हो पाई। यह सोसाइटी का आंतरिक मामला था।

छह साल बाद भी पाम हिल सोसाइटी में नहीं पानी की लाइन

करीब छह साल हो गए, लेकिन सेक्टर-77 स्थित पाम हिल सोसाइटी के 1500 परिवारों के सात हजार से अधिक लोग यहां बुनियादी सुविधाएं पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पानी की पाइप लाइन नहीं है। सीवर की लाइन डाली नहीं गई है। स्ट्रीट लाइट है नहीं और सर्दन पेरिफेरल रोड के एक्सटेंशन की बुरी हालत है। अब एक बार फिर से यहां के निवासियों ने सामूहिक रूप से गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) से गुहार की है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाए।
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निवासियों का कहना है कि सन 2009 में प्रोजेक्ट के लिए डीटीसीपी ने बिल्डर को लाइसेंस दिया था। 29 एकड़ में प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया था। सन 2017 से यहां कब्जा देना शुरू किया गया। यह अभी जारी है। पानी की आपूर्ति के लिए यहां के निवासी टैंकरों पर निर्भर हैं। इससे उन पर बहुत ज्यादा आर्थिक भार पड़ रहा है। टैंकर माफिया हावी हैं और स्वच्छता का ध्यान भी नहीं रखा जाता है। गर्मियों के दिनों में पानी का संकट बहुत बढ़ जाता है। कंडोमियन के निवासियों ने अतिरिक्त विकास शुल्क के लिए मोटी रकम इस उम्मीद पर दी थी कि उन्हें अच्छी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा सीवर की लाइन नहीं होने से भी परेशानी है। सोसाइटी की सीवर ट्रीटमेंट प्लांट है, जिसका पानी आंतरिक उपयोग में इस्तेमाल करना पड़ता है। सेक्टर-77 की कनेक्टिविटी सोहना रोड से और एनएच-48 के साथ जिस सड़क से है वह भी बहुत बदहाल हालत में है।
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