उपायुक्त बोले-आसपास के जिलों से पहुंचे लोगों की उपद्रव में रही भूमिका
प्रशासन का दावा, ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया, अब कार्रवाई की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नूंह में शोभायात्रा के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा की घटना की तपिश से दक्षिण हरियाणा के कई जिले चपेट में आ गए हैं। नूंह के बाद सबसे पहले सोमवार दोपहर से ही सोहना में तनाव की स्थिति बन गई थी। पुलिस प्रशासन का मानना है कि सोहना में हुए उपद्रव में बाहरी लोगों की भूमिका रही है।
जिला प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम का प्रारंभिक विश्लेषण करने के बाद दावा किया है कि जिले की तहसील सोहना में सोमवार को हुए उपद्रव, वाहनों, दुकानों को जलाने की घटना में कस्बे में बाहर से आए लोगों की भूमिका रही। ऐसे लोगों को चिह्नित कर लिया गया है और यह कार्रवाई के दायरे में हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने आम लोगों से भी इस दंगे से संबंधित वीडियो और फुटेज की मांग की है।
गुरुग्राम के उपायुक्त निशांत कुमार यादव का कहना है कि सोहना के पूरे घटनाक्रम में हमने यह निष्कर्ष निकाला है कि काफी सारे लोग बाहर से आए थे। इसमें पलवल और पास के अन्य राज्यों से आए लोग शामिल थे। ऐसे तत्व प्रशासन की नजर में आ गए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
शांति समिति की बुलाई जाएंगी बैठकें
गुरुग्राम। उपायुक्त ने कहा कि जिले की अन्य तहसीलों के साथ-साथ खासकर सोहना पर हमारी विशेष नजर है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में बहुत से इलाके ऐसे हैं जहां पर मिश्रित आबादी है। इसके अलावा जिले के ग्रामीण इलाकों सहित सोहना की बात की जाए तो यहां के हर गांव में यह स्थिति देखने को मिल जाएगी। ऐेसे हालात में अगर वहां अफवाह फैलती है तो वह बहुत ही चुनौती पूर्ण स्थिति बन जाती है। हमारा फोकस सोहना रहेगा। यहां हम शांति समिति की बैठकें करेंगे। दोनों समुदायों को बुलाया जाएगा। दोनों समुदायों के लोगों ने भरोसा दिलाया है कि वह एक दूसरे के लोगों के क्षेत्र में जाएंगे और विश्वास कायम करने की पहल करेंगे। एक-दूसरे के धार्मिक स्थानों के आगे खड़े होकर सुरक्षा का अहसास दिलाएंगे।