संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। नूंह में 31 जुलाई को शोभायात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा का गुस्सा का गुस्सा अब भी लोगों में बरकरार है। हिंसा के विरोध में बीते 13 अगस्त को पलवल जिले के पोंडरी गांव में हिंदू महा पंचायत का आयोजन हुआ था। पंचायत की अध्यक्षता 52 पाल के प्रधान अरुण चौधरी जैलदार द्वारा की गई थी।
महापंचायत में नूंह, पलवल, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी, सोहना, तावडू, पिनांगवा, पुनहाना, नगीना, हथीन, होडल बल्लभगढ़, सोनीपत, पानीपत, झज्जर, महेंद्रगढ़ सहित दिल्ली राजस्थान उत्तर प्रदेश के अधिकांश खापों के पंचायत और बिरादरियों के प्रमुखों ने भाग लिया था। इसमें प्रमुख लोगों ने द्वारा कुल 17 मांगों को लेकर निर्णय हुआ था। इन्हीं मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने को लेकर शुक्रवार को हिंदू महापंचायत और संगठनों से जुड़े एक विशेष प्रतिनिधित्व मंडल ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के नाम से जिला उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा को ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर मौजूद सुरेंद्र आर्य, योगेश हिलालपुर सहित मेवात एक दर्जन से अधिक लोग एक ज्ञापन लेकर जिला उपायुक्त से मिले। राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू के नाम सौंपे ज्ञापन में मुख्य रूप से मांग की गई है कि हिंसा में मारे गए लोगों के आश्रितों को एक करोड़ और अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने, घायलों को पचास हजार रुपये की आर्थिक मदद, फिरोजपुर विधायक मोहम्मद खान के चर्चित बयान की एनआईए से जांच कर मुकदमा चलाया जाए। बादशाहपुर निवासी प्रदीप की हत्या में नामजद आरोपी आप नेता जावेद की गिरफ्तारी,मेंव आर्मी संगठन की जांच एनआईए से करवाने, जिले में अतिरिक्त पुलिस बल कैंप स्थापित करने सहित नूंह के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में से एक को सीट को रिजर्व करने सहित कुल 17 प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
बता दें कि 31 जुलाई को नूंह में शोभायात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई। दर्जनों घायल हो गए, पुलिस की ओर से हिंसा मामले में अब तक 60 मुकदमे दर्ज किए जा चुके। 245 लोग गिरफ्तार हुए हैं तो सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने के संबंध में भी 11 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर एक की गिरफ्तारी हुई है।