संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। गांव झारपुड़ी में रविवार की देर शाम एक सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 14 वर्षीय सिमरन नाम की छात्रा जमीन पर लटकते हुए बिजली के तारों की चपेट में आ गई। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस दर्दनाक हादसे से जहां परिवार में मातम और गांव में शोक की लहर है, वहीं सिमरन के साथ पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी गमगीन हैं। लोगों का आरोप है कि निगम के कर्मचारियों को नीचे लटकी लाइनों को ऊपर करने के लिए कई बार कहा जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। इससे पहले भी दो लोगों की जान जा चुकी है। परिवार के लोगों ने इस मामले में कहीं पर कोई शिकायत नहीं की है। बिना पोस्टमार्टम सिमरन को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। मृतक छात्रा के पिता अफसर, जफरू सरपंच, इकबाल ने बताया कि उनके गांव में बिजली की कई लाइनें जर्जर और ढीली होकर जमीन पर नीचे लटकी हुई हैं। जिनसे हर समय हादसों का डर सताता रहता है। लोगों ने बताया कि अब से पहले भी निगम की लापरवाही के चलते 35 वर्षीय और 17 वर्षीय सोहिल की भी मौत हो चुकी है। सिमरन के अध्यापक सतीश कुमार ने बताया कि सिमरन पढऩें होशियार थी। जो अपनी कक्षा में प्रथम आया करती थी। सिमरन की मौत से न केवल विद्यार्थी गमगीन हैं, बल्कि स्कूली स्टॉफ भी दुखी है। निगम के एसडीओ समीम अहमद का कहना है कि हादसा दुखद है, नीचे झुकी लाइनों का मामला उनके संज्ञान में नही था। अब पता चला है कि तुरंत प्रभाव से गांव की नीचे झुकी हुई तमाम लाइनों को ऊपर करने के लिए टीम को गांव में भेज दिया गया है। किसी भी लाइन को नीचे नहीं झुकने दिया जाएगा।