माहिरा बिल्डर और आर्किटेक्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने आदेश
दो प्रोजेक्ट के लाइसेंस के आवेदन में फर्जी बिल्डिंग प्लान लगाया, डीटीपीसी ने लाइसेंस पर भी रोक लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अफोर्डेबल आवास योजना के दो प्रोजेक्ट के लिए लाइसेंस के आवेदन में फर्जी दस्तावेज लगाने पर निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने माहिरा होम्स बिल्डर, सहयोगी कंपनी, हस्ताक्षर के लिए अधिकृत व्यक्ति और संबंधित आर्किटेक्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही लाइसेंस की प्रक्रिया को भी रोक देने के लिए कहा है।
माहिरा बिल्डर ने सन 2022 में 6.675 एकड़ के प्रोजेक्ट के लाइसेंस के संबंध में गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) से स्वीकृति लेने के लिए फर्जी दस्तावेज पेश किए। ऐसा ही काम सन 2023 में सेक्टर-88 बी स्थित 10 एकड़ के प्रोजेक्ट के लिए किया गया। इसके आधार पर जीएमडीए के इंफ्रा-एक ने आगे की प्रक्रिया के लिए स्वीकृति दे दी।
निदेशक टीएल सत्य प्रकाश की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि बिल्डर ने फर्जी बिल्डिंग प्लान प्रस्तुत कर दिया। इससे पहले भी बिल्डर ने विभाग को गुमराह किया और फर्जीवाड़ा करके लाइसेंस हासिल किए थे। इस वजह से मई 2022 में उसके सभी प्रोजेक्ट के लाइसेंस रद किए गए थे। साथ ही बिल्डर को काली सूची में भी डाल दिया गया था। इसके साथ ही हस्ताक्षर के लिए अधिकृत व्यक्ति, आर्किटेक्ट के अलावा कंपनी के अन्य निदेशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए। साथ ही बिल्डर के सभी लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को भी रोक दिया जाए।
-
पांच हजार से ज्यादा लोगों का पैसा फंसा
माहिरा के शहर में अलग-अलग पांच प्रोजेक्ट बंद हैं। इनमें करीब पांच हजार ज्यादा लोगों का पैसा फंसा हुआ है। यह लोग 80 फीसदी से ज्यादा पैसा बिल्डर को दे चुके हैं जबकि मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। पिछले दिनों 25 फीसदी से कम पैसा देने वालों की यूनिट रद्द करने का फरमान बिल्डर ने दिया था, जिसके बाद खरीदारों ने निदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से शिकायत की थी।
-
एक साल पहले शर्तों के साथ बहाल हुए थे लाइसेंस
एक साल पहले भी माहिरा के बैंक गारंटी सहित अन्य दस्तावेज फर्जी पाए जाने पर निदेशक स्तर से लाइसेंस रद कर दिए गए थे। प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाली योजना सभी को घर, सभी को छत के तहत सुलभ हाउसिंग की शुरुआत की गई थी। सेक्टर-104, सेक्टर-68, सेक्टर-95 सेक्टर-65 और सेक्टर-103 में माहिरा होम्स प्रोजेक्ट की शुरुआत इसी मकसद से की गई थी। सभी प्रोजेक्ट 2021-22 तक पूरे होने थे। लाइसेंस की शर्तों के साथ बहाली की गई थी। इसमें निर्माण की निगरानी और बिना बिकी यूनिटों को डीटीपी को गिरवी रखने जैसी शर्तें थीं।