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Gurugram News: 25 हजार संस्थानों के अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए सिर्फ एक अधिकारी

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25 हजार संस्थानों के अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए सिर्फ एक अधिकारी
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आईएमटी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन ने पुनर्गठन की मांग की, सुझाव दिए तीन अधिकारी हों

- प्रमाणपत्र में अनावश्यक देरी होने से औद्योगिक रैंकिंग में पिछड़ रहा है हरियाणा प्रदेश


अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। शहर की 12 हजार पंजीकृत और इतनी ही संख्या में अपंजीकृत औद्योगिक ईकाइयों के साथ-साथ 500 से ज्यादा ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज व अन्य संस्थानों को फायर के लिए अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए भटकना पड़ रहा है। कारण है यहां पर सिर्फ एक अग्निशमन अधिकारी की तैनाती है। इसके चलते गुरुग्राम और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के साथ पांच साल पहले तक नंबर एक स्थान पर रहा हरियाणा नंबर छह पर आ गया है। अनुमान के मुताबिक 25 हजार संस्थानों के फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए एक अधिकारी है। जबकि उसका मूल कार्य आपदा की स्थिति में क्रियाशील रहना है।
इसको देखते हुए आईएमटी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (आईआईए) की ओर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की गई है कि तीन फायर अधिकारी नियुक्त किए जाएं। इसके लिए क्षेत्र विभाजित करते हुए सुझाव भी दिए गए हैं। प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होता है।
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एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि शहर में हजारों औद्योगिक ईकाइयों के साथ-साथ होटल, मॉल, सैकड़ों स्कूल, आठ यूनिवर्सिटी, नर्सिंग होम आदि संस्थान हैं। इन सभी के लिए केवल एक फायर ऑफिसर है। इसके कारण होने वाले विलंब से औद्योगिक रैंकिंग में प्रदेश पीछे हो रहा है। इसके चलते हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) के पुनर्गठन की जरूरत है।

तीन फायर ऑफिसर के पदों की है मांग

- एक आफिसर एनएच-8, जो कि उद्योग विहार, मानेसर, धारुहेड़ा, बावल इंडस्ट्रियल एस्टेट के लिए हो

- दूसरे ऑफिसर एनएच-2 कुंडली, खरखौदा, बल्लभगढ़, राय, पानीपत, करनाल, अंबाला इंडस्ट्रियल एस्टेट के लिए हो

- तीसरा ऑफिसर साहा और दूसरे इंडस्ट्रियल एस्टेट के लिए


क्या कहते हैं पदाधिकारी


हमने सुझाव दिया है कि यह फायर ऑफिसर प्रतिनियुक्ति पर या सीधे नियुक्त किए जा सकते हैं।- अतुल मुखी, अध्यक्ष आईआईए

अगर सरकार ऐसा करती है तो प्रमाण पत्र समय से और सुविधा पूर्वक हासिल करना आसान होगा। - मनोज त्यागी, महाचिव, आईआईए


पुनर्गठन सहित तीन फायर अधिकारियों के साथ बिजनेस की सुगमता व प्रदेश रैंकिंग में भी सुधार होगा। - जसमिंदर सहानी, सदस्य



समय के साथ शहर और उद्योगों का भी विस्तार हुआ है। अन्य विभागों में अधिकारी बढ़े हैं। यहां भी ऐसा ही हो। - सतीश चंद्र, पूर्व अध्यक्ष, आईआईए
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