शुक्रवार दोपहर कई मजदूरों को नूंह शहर से पलायन होते देखा गया। मजदूर वर्ग अपने बच्चों और सामान को साथ लेकर अपने-अपने घरों की ओर रुख कर रहे हैं। नूंह में मजदूरी करने वाले झांसी के रहने वाले मुकेश ने कहा कि काम धंधा बंद है। इलाके हालात ठीक नहीं है। खाने-पीने के लाले पड़ रहे हैं।
ऐसे हालात में यहां ज्यादा ठहरना ठीक नहीं। बच्चे भी साथ हैं और परिवार के अन्य सदस्य भी। इसलिए अब अपने घर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अपने गांव जाना ही ठीक रहेगा। बता दें कि 31 जुलाई को नूंह में हिंसा फैल गई। इसमें चार लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख इंटरनेट सुविधा बंद कर दी। साथ ही कर्फ्यू भी लगा दिया।