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डर, बेबसी और खामोशी: नूंह हिंसा के बाद बिगड़े हालात, बाहरी राज्यों के मजदूर पलायन को मजबूर, खाने का भी संकट

Sat, 05 Aug 2023 03:57 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, नूंह

सार

शुक्रवार दोपहर कई मजदूरों को नूंह शहर से पलायन होते देखा गया। मजदूर वर्ग अपने बच्चों और सामान को साथ लेकर अपने-अपने घरों की ओर रुख कर रहे हैं।
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नूंह छोड़कर जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिंसा के बाद कर्फ्यू लगने और बिगड़ते हालात के चलते सबसे ज्यादा बाहरी राज्यों से आए हुए मजदूर वर्ग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। ऐसी स्थिति में अब मजदूर वर्ग नूंह से पलायन करने के लिए मजबूर हो रहा है। कई मजदूरों ने दो टूक कहा कि काम धंधा बंद होने से अब उनके यहां रहने का कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्हें न केवल अपनी जान की बल्कि परिवार की सुरक्षा का भी खतरा नजर आने लगा है।

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शुक्रवार दोपहर कई मजदूरों को नूंह शहर से पलायन होते देखा गया। मजदूर वर्ग अपने बच्चों और सामान को साथ लेकर अपने-अपने घरों की ओर रुख कर रहे हैं। नूंह में मजदूरी करने वाले झांसी के रहने वाले मुकेश ने कहा कि काम धंधा बंद है। इलाके हालात ठीक नहीं है। खाने-पीने के लाले पड़ रहे हैं।
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ऐसे हालात में यहां ज्यादा ठहरना ठीक नहीं। बच्चे भी साथ हैं और परिवार के अन्य सदस्य भी। इसलिए अब अपने घर जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अपने गांव जाना ही ठीक रहेगा। बता दें कि 31 जुलाई को नूंह में हिंसा फैल गई। इसमें चार लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख इंटरनेट सुविधा बंद कर दी। साथ ही कर्फ्यू भी लगा दिया।
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