नूंह में हुए बवाल के बाद पुन्हाना उपमंडल के गांव सिंगार में वाहनों को आग लगा दी गई। राहगीरों से मारपीट की गई। धार्मिक स्थल पर हमला करने की कोशिश की गई और पथराव किया। सुरक्षा में बैठे कई पुलिस कर्मियों को चोटें आईं हैं।
नूंह में हुए बवाल का असर पुन्हाना उपमंडल के गांव सिंगार में भी देखने को मिला, जहां अफवाह के चलते सिंगार और आसपास के गांवों के लोगों ने राहगीरों के साथ मारपीट की, वहीं एक कार और तीन मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया।
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इसके अलावा भीड़ ने सिंगार गांव स्थित महादेव मंदिर पर हमला करने की कोशिश की और पथराव किया, जिसमें सुरक्षा में बैठे कई पुलिस कर्मियों को चोटें आईं। वहीं गांव के सरपंच, पुलिस और अन्य लोगों ने उपद्रवियों को मंदिर के अंदर घुसने नहीं दिया।
मेवात के सबसे बडे़ सिंगार गांव के सरपंच साकिब का कहना है कि उनके गांव में सोमवार को करीब पांच बजे तक सब कुछ शांतिपूर्ण था। उन्होंने बताया कि उनके गांव का एक व्यक्ति अपनी पत्नी को दवाई दिलाने होडल ले गया था। वहां कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट कर महिला के पैर तोड़ दिए। जब वे गांव सिंगार के अड्डे पर आए, तो उन्होंने घटना की जानकारी दी।
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उसके बाद वहां मौजूद लोगों में गुस्सा भर आया और इस दौरान सैकड़ों लोग एकत्र हो गए। आसपास के गांवों के लोग भी जमा हो गए। उसके बाद भीड़ ने जो भी राहगीर आ रहा था, उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
बिछौर थाना प्रभारी मलखान ने बताया कि फिलहाल उनके पास सही डाटा नहीं है लेकिन एक मोटरसाइकल और एक कार को आग लगा दी गई। पांच पुलिसकर्मियों को चोट आई हैं। वहीं करीब 15-20 राहगीरों के साथ मारपीट की और उनके वाहनों को तोड़ा गया। बाकी कितने लोग घायल हुए हैं इसका सही पता एमएलआर रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा।
दुकानों को किया बंद
नूंह में हुए बवाल को लेकर कस्बा पिनगवां और पुन्हाना में दिन के समय अचानक लोगों ने दुकानें बंद कर दीं, जिसकी वजह से लोगों में खौफ नजर आने लगा। मेवात डेवलपमेंट बोर्ड के सदस्य नरेश सिंगला ने कहा कि उनके पिनगवां शहर में आपसी भाईचारा है। लोगों ने अपने आप ही दुकानें बंद करने का फैसला दिया, जिससे कोई अप्रिय घटना न हो सके।
वहीं नूंह के जिला प्रमुख जान मोहम्मद, जिला पार्षद तौफीक, जिला पार्षद फजरूदीन, पिनगवां के पूर्व सरपंच संजय सिंगला उर्फ बिल्लू, पिनगवां पंचायत समिति चेयरमैन सहित कई सरपंच और प्रमुख लोगों ने पिनगवां बाजार में घंटों तक दोनों समुदायों के लोगों को समझा-बुझाकर शांत बनाए रखने की अपील की, साथ ही उन्होंने दोनों समुदायों के लोगों को किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए दुकानों को बंद करवाया जिससे कोई असामाजिक तत्व अशांति न फैला सकें।
जिला प्रमुख जान मोहम्मद ने बताया कि पिनगवां की जो स्थिति है वह शांतिप्रिय है यहां न तो कोई तनाव है न कोई तनाव की स्थिति है। कस्बा पिनगवां में हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने अपने अपने बच्चों को समझाया और दोनों समुदायों के लोगों की बाजार में सारी दुकानों को बंद भी कराया।
उन्होंने बताया कि मेवात की जनता किसी भी सोशल मीडिया की अफवाह पर ध्यान ना दें, आपस के भाईचारा को टूटने ने दें। गोपाल पटेल ग्रीवेंस कमेटी मेंबर ने बताया कि जिन लोगों ने नूंह में शरारत की है उन लोगों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई करे, नूंह और मेवात की घटना ने मेवात के भाईचारे को खत्म करने की कोशिश की है।
गुरुग्राम में धारा-144 लागू
नूंह में सांप्रदायिक तनाव के मद्देनजर गुरुग्राम के जिलाधीश एवं डीसी निशांत कुमार यादव ने जिले में कानून का पालन कराए जाने एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा-144 लागू की है। इस विषय में सोमवार शाम जिलाधीश की ओर से निर्देश जारी किए गए।
जिलाधीश द्वारा जारी आदेशों में जिले में किसी भी सड़क मार्ग को अवरुद्ध करने व सार्वजनिक स्थान पर पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने, किसी भी प्रकार के लाइसेंसी हथियार या फायर आर्म्स, तलवार, गंडासा, लाठी, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, चाकू व अन्य हथियार लेकर चलने पर पाबंदी लगाई गई है। आदेशों की अवहेलना करने वालों पर भारतीय दंड संहिता की धारा-188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।