फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nuh Violence: सीसीटीवी से हुई थी बिट्टू बजरंगी की पहचान, रिमांड के दौरान कबूलीं ये बातें; बरामद हुए ये हथियार

Fri, 18 Aug 2023 07:39 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, नूंह

सार

पुलिस ने नूंह की एएसपी ऊषा कुंडू की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के मामले में बिट्टू बजरंगी को मंगलवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। इस दौरान आरोपी को पूछताछ के लिए एक दिन के लिए रिमांड पर भी लिया था, रिमांड पर आरोपी ने कुछ अपने सहयोगियों के नाम भी बताए हैं।
विज्ञापन
बिट्टू बजरंगी ने पूछताछ में खोले राज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जलाभिषेक यात्रा के दौरान नूंह के नल्हड़ में हुई हिंसा के दौरान पुलिस टीम से बदतमीजी करने, सरकारी काम में बाधा डालने और हथियार छीनने के आरोपी गोरक्षक बिट्टू बजरंगी को गुरुवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में फरीदाबाद की नीमका जेल भेज दिया। सीसीटीवी फुटेज से बिट्टू बजरंगी की पहचान की गई थी। उस पर हिंसा के दौरान हथियार भी लहराने का आरोप है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आठ तलवारें बरामद की हैं।

विज्ञापन

पुलिस ने नूंह की एएसपी ऊषा कुंडू की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के मामले में बिट्टू बजरंगी को मंगलवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। इस दौरान आरोपी को पूछताछ के लिए एक दिन के लिए रिमांड पर भी लिया था। रिमांड पर पूछताछ में आरोपी ने कुछ अपने सहयोगियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। नूंह की सहायक पुलिस अधीक्षक उषा कुंडू की शिकायत पर बजरंगी के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज की गई थी।

गुरुवार को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को सिविल जज अंजलि जैन की कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद बिट्टू बजरंगी को 14 दिन न्यायिक हिरासत में फरीदाबाद की नीमका जेल भेज दिया। कोर्ट में बिट्टू बजरंगी के वकील सोमदत्त शर्मा ने अदालत से मांग की कि उनके मुव्वकिल को नूंह जेल के बजाय गुरुग्राम की भोंडसी जेल भेजा जाना चाहिए। इसके पीछे तर्क दिया गया कि नूंह जेल में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय के बंदी हैं, जोकि उनके मुव्वकिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

रिमांड के दौरान कबूलीं कई बातें
पुलिस ने एक दिन रिमांड अवधि में आरोपी बिट्टू बजरंगी की निशानदेही पर आठ तलवारें बरामद की हैं। रिमांड में और बिट्टू ने क्या कबूला है, इसका पुलिस ने अभी खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि और भी ऐसी कई बातें बिट्टू ने कबूली हैं, जिससे पुलिस को अन्य लोगों को गिरफ्तार करने में आसानी होगी। इससे पहले सांप्रदायिक झड़प से जुड़े एक अन्य मामले में हिंसा के दो दिन बाद ही फरीदाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपी पर भड़काऊ भाषण देने और सार्वजनिक रूप से हथियार लहराने का आरोप लगाया गया था। 

बिट्टू पर मुस्लिम कैदियों में गुस्सा
बिट्टू के वकील ने दलील दी कि मुस्लिम कैदियों में उसके खिलाफ गुस्सा है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आरोपी को गुरुग्राम की भोंडसी जेल भेजा जाना चाहिए। साथ ही जेल अधीक्षक को उचित निर्देश दिए जाने चाहिए। जज ने मामले को गंभीरता को देखते हुए आरोपी बिट्टू बजरंगी को फरीदाबाद की नीमका जेल भेजने के आदेश कर दिए।
विज्ञापन

भीड़ को तलवारें और त्रिशूल लेकर मार्च करते देखा था
एफआईआर के अनुसार, सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पहचाने गए बजरंगी ने समर्थकों के साथ एएसपी कुंडू के नेतृत्व वाली पुलिस टीम के साथ दुर्व्यवहार किया था। यह सब उस समय हुआ जब आरोपी तलवार और त्रिशूल लेकर जा रहे थे। अपनी शिकायत में एएसपी उषा कुंडू ने कहा है कि वह नल्हड़ मंदिर से 300 मीटर दूर अपनी टीम के साथ ड्यूटी पर थीं। उसी दौरान भीड़ को तलवारें, त्रिशूल लेकर मंदिर की ओर मार्च करते देखा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एएसपी की टीम ने उनके हथियार छीन लिए और जब्त कर लिए। इस पर आरोपियों ने उनके साथ हाथापाई की। आरोपी पुलिस वाहनों के सामने बैठ गए। इसके तुरंत बाद उन्होंने पुलिस वाहन का पिछला गेट खोला और हथियारों के साथ भाग गए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें