- सुझाव सीधे एसएमसी तक पहुंचेंगे, पायलट प्रोजेक्ट से शुरुआत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में अब सुविधाओं के सुधार के लिए छात्रों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। नई पहल के तहत विद्यार्थी स्कूलों की कमियों को चिन्हित कर सीधे स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) तक अपनी बात पहुंचाएंगे। इसके लिए कक्षा अनुसार छोटे-छोटे समूह बनाए जाएंगे, जो कक्षाएं, शौचालय, पेयजल, साफ-सफाई और डिजिटल सुविधाओं का आकलन करेंगे। छात्र अपनी रिपोर्ट और सुझाव एसएमसी बैठकों में प्रस्तुत करेंगे, जिससे जमीनी समस्याओं पर सीधे चर्चा हो सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से पारदर्शिता बढ़ेगी और समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। पहले चरण में इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ स्कूलों में लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे विद्यार्थियों को इस प्रक्रिया के लिए तैयार करें और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि स्कूलों में बेहतर माहौल और सुविधाएं विकसित हो सकें।