संतोष जनक जवाब नहीं देने पर हो सकती है कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-109 स्थित चिंटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी में एक वर्ष पहले हुए हादसे के मामले में अब महानिदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग स्तर पर संरचनात्मक इंजीनियर, आर्किटेक्ट और प्रूफ कंसलटेंट को नोटिस भेजकर 15 दिन में जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इन फर्मों को काली सूची में भी डाला जा सकता है।
10 फरवरी 2022 को चिंटेल्स सोसाइटी की डी टावर में हादसा होने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी। हादसे के बाद मामले की गूंज प्रदेश सरकार तक पहुंची। प्रशासन ने भी घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी थी। कुछ महीनों बाद डी टावर को रहने के लिए असुरक्षित घोषित कर दिया। इसके बाद अन्य टावरों में भी खामी की बात कही गई। जांच के बाद सोसाइटी ई और एफ टावर को भी असुरक्षित घोषित कर दिया था। इससे पहले सन 2007 में चिंटेल्स इंडिया लिमिटेड को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट ने लाइसेंस प्रदान किया था। इस सोसाइटी के बिल्डिंग प्लान और ओक्यूपेशन सर्टिफिकेट पर बीएमसी डिजाइन कंसलटेंट के स्ट्रक्चरल इंजीनियर अजय सहानी, कुंवर खलिक अहमद, आर्किटेक्ट गुनमीत एस चौहान, डिजाइन फोरम इंटरनेशनल से आशीष जायसवाल, कंसलटेंट अरविंद गुप्ता के हस्ताक्षर हैं। इनको ही महानिदेशक ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।