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Gurugram News: सड़क बनाने में नहीं किया किसी भी तालाब की जमीन पर अतिक्रमण

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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एनजीटी में जवाब दाखिल किया
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दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को


अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। सड़क बनाने में किसी भी तालाब की जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया गया है। यह कहना है भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) का। पिछले दिनों दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़े एक मामले में एनएचएआई ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में जवाब दाखिल किया। इसमें कहा गया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में नूंह में किसी भी तालाब की जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया है। साथ ही गुरुग्राम के हाजीपुर गांव में भी कोई तालाब नहीं कब्जाया है।
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गुरुग्राम के रहने वाले प्रेम मोहन गौड़ ने प्राधिकरण के समक्ष याचिका दायर की थी कि एनएचएआई ने नूंह के किरंज में दो एकड़ जमीन और हाजीपुर में 3.3 एकड़ तालाब की जमीन को इस्तेमाल किया है। इसके बाद प्राधिकरण ने एनएचएआई को इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा था। साथ ही तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा था। इस मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को है। एनएचएआई की ओर से मथुरा के परियोजना निदेशक ने ट्रिब्यूनल के समक्ष बात रखी, जिसमें कहा गया कि एनएचएआई ने किरंज नाले के तट से या किरंज तालाब की जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा नहीं किया है। छह लेन का एक्सप्रेसवे बनाने में पूरी तरह कानून का पालन किया है।
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