वारदात को अंजाम देकर आसानी से चले जाते हैं नेपाल, गुरुग्राम लाने में नाकाम रहती है पुलिस
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। वारदात को अंजाम देकर नेपाल में शरण लेने की बात तो आप ने बहुत सुनीं होगी मगर साइबर सिटी में काम करने वाले नौकर इन दिनों घरों में काम करने के दौरान वारदात को अंजाम देकर पुलिस से लुकाछिपी का खेल खेल रहे हैं। साइबर सिटी के घरों में काम करने वाले बहादुर ( नेपाली नौकर) की ओर से वारदात करने के बाद उसे काबू करने में कमिश्नरेट की पुलिस को परेशानी हो रही है। कानून का फायदा उठा कर वारदात को अंजाम देने के बाद वह आसानी से सीमा पार कर जाते हैं। जिनको वापस लाने में पुलिस को प्रत्यार्पण की प्रक्रिया अपनानी होती है। जब तक गृहमंत्रालय की ओर से नेपाल सरकार को संदेश भेजा जाता है। तब तक बहुत देर हो जाती है।
वारदात एक
सेक्टर 40 में उद्योगपति के घर में खाना बनाने वाला नेपाली कुक 20 लाख रुपये नकद और लाखों की कीमत के जेवर चुराने के बाद छह माह पहले अपने गांव वापस नेपाल चला गया था। पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। सीआईए पालम विहार की टीम ने दिल्ली के रोहिणी में उसे नौकरी दिलाने वाले को पकड़ा बाद में उसके गांव तक गई, मगर उसे वापस लाने में नाकाम साबित रही। आरोपी नंदन को नेपाल पुलिस ने चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया । कमिश्नरेट की पुलिस अपने मुकदमे का हवाला देकर केवल पत्राचार कर खानापूर्ति कर रही है।
वारदात दो ..
गुरुग्राम। 15 दिन पहले शिवाजी नगर में एक मकान में नेपाली नौकर ने पूरे परिवार वालों को खाने में जहरीला पदार्थ मिला कर घर में रखी लाखों की नगदी व ज्वैलरी लेकर गायब हो गया मगर अब तक उसे ला पाने में पुलिस नाकाम है। कमिश्नरेट की पुलिस ने पूरा मामला जांच लिया। उसके पास सब कुछ जानकारी है। कानूनी दांव पेच के चलते उसे नेपाल से नहीं ला सकती है। आरोपी विनोद को काम पर भेजने वाले प्लेसमेंट कंपनी संचालक की ओर से जांच में पूरा सहयोग किया गया है।
नेपाली नौकरों की वारदात पर अब अदालत की ओर से भी आने लगी है सख्त टिप्पणी
सिटी थाना क्षेत्र में एक व्यापारी के गोदाम से 38 लाख रुपये चोरी हो गए थे। सीआईए की टीम ने आरोपी नौकर को दो दिन बाद कुछ रुपयों के साथ गिरफ्तार कर लिया था। अदालत की ओर से चोरी के मामले में उसे जल्द ही जमानत मिली है। पुलिस ने उसके नेपाल भागने का खतरा भी बताया था। अदालत ने उसे सशर्त जमानत दी है। उसे एक एंड्रायड फोन खरीदने और अपनी रोज की लोकेशन पुलिस को भेजने को कहा है।
शहर में 50,000 से अधिक नेपाली कर रहे काम
पुलिस को एक सर्वे में पता चला है कि सोसाइटी के बाहर से लेकर घरों में काम करने वाले 50 हजार से अधिक नेपाली है। यह रस्टोरेंट से लेकर पीजी में कुक का काम कर रहे हैं। कार साफ करने से लेकर ठेले पर मोमोज बेच रहे हैं। इनकी संख्या शहर में 50 हजार से अधिक है। कमिश्नरेट की पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नेपाली नौकर का वेरिफिकेशन जरूर कराए और उसके संपर्क में रहने वालों की भी जानकारी रखें।
वर्जन
नेपाल के रहने वाले नौकरों की ओर से वारदात को अंजाम देने के बाद उनको वापस लाने में परेशानी होती है। कानूनी दांव-पेच के चलते उनका प्रत्यार्पण कराने में समय लगता है। जब तक वह आएंगे तब तक तो लूट या चोरी का माल भी समाप्त हो जाता है। - प्रीतपाल सांगवान, एसीपी क्राइम, गुरुग्राम।