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नासिर-जुनैद हत्याकांड: बवाल की थी तैयारी, पुलिस ने दिखाई होशियारी; 70 भड़काऊ वीडियो किए जाने वाले थे वायरल

Thu, 02 Mar 2023 02:34 PM IST
पूजा त्रिपाठी दीपक शर्मा, अमर उजाला, गुरुग्राम

सार

पुलिस का मानना है कि ऐसे ही कुछ असामाजिक तत्वों ने 24 फरवरी को गुरुग्राम-अलवर नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। इनमें से कुछ ने पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी भी की। इसके बाद पुलिस ने 600 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
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नासिर और जुनैद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नासिर और जुनैद हत्याकांड के बाद कुछ असामाजिक तत्वों की मेवात में बड़ा बवाल करने की साजिश थी। नूंह पुलिस को ऐेसे 70 वीडियो मिले, जिनमें बेहद भड़काने वाली बातें कही जा रही थीं और सामाजिक सौहार्द को तबाह करने की साजिश रची जा रही थी। इनमें से ज्यादातर वीडियो में इशारा किया जा रहा था कि 26 या 27 तारीख को इस बवाल को अंजाम देना है।

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सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इन वीडियो को रोकने के लिए ही पुलिस ने समय रहते इंटरनेट सेवा बंद करके और अन्य निरोधात्मक उपाय करके स्थिति को संभाल लिया। नूंह पुलिस प्रशासन इंटरनेट सेवा बहाल करने के संबंध में स्थिति की समीक्षा कर रहा है।

16 फरवरी को जुनैद और नासिर की हत्या का मामला सामने आने के बाद से ही आपसी भाईचारे और सौहार्द को पलीता लगाने वाले कुछ असामाजिक तत्व सक्रिय हो गए थे। इसके बाद हत्याकांड के एक आरोपी जिला नूंह के श्रीकांत की पत्नी के कथित तौर पर गर्भ गिरने की घटना के बाद स्थिति और भी जटिल हो गई। इसका फायदा कुछ असामाजिक तत्व उठाने को तैयार थे।
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पुलिस का मानना है कि ऐसे ही कुछ असामाजिक तत्वों ने 24 फरवरी को गुरुग्राम-अलवर नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। इनमें से कुछ ने पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी भी की। इसके बाद पुलिस ने 600 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

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जिला पुलिस ने स्थिति को भांपते हुए साइबर सेल को सक्रिय किया और उसके हाथ 70 ऐसे वीडियो लगे, जिनमें बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ बातें कही जा रही थीं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अगर यह वीडियो सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफाॅर्म पर प्रसारित होते तो सौहार्द को और भी ठेस पहुंचती। इसके चलते सबसे पहले पुलिस ने 26 फरवरी को पूरे नूंह जिले में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया। केवल वाॅइस कॉल के लिए मोबाइल रिचार्ज की ही अनुमति रही।

इसके साथ ही पुलिस ने डीएसपी सतीश वत्स के नेतृत्व में फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, नूंह और नगीना में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) व स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर फ्लैग मार्च भी निकाला। पुलिस प्रशासन ने फिरोजपुर झिरका, बसईमेव, बीवां, घाटा शमशाबद, अलीपुर तिगरा समेत कई गावों में लोगों से बातचीत भी की। इन प्रयासों का नतीजा यह हुआ कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य होने की तरफ बढ़ रही है।


15 लाख की आबादी है। इसमें से 95 फीसदी लोग शांति से रह रहे हैं। कुछ लोग भीड़ इकट्ठा करके सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ना चाहते हैं। इनके इरादे तभी पता लग गए, जब ऐसे 70 वीडियो पुलिस के हाथ लगे, जिनके माध्यम से नफरत फैलाने और हालात बिगाड़ने की तैयारी की जा रही थी। हम जानते थे कि एक बार हालात बिगड़े तो फिर संभालना मुश्किल होगा इसलिए पहले से ही उपाय करने थे और वही किया। अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।- वरुण सिंगला, पुलिस अधीक्षक, नूंह

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