जिला पुलिस ने स्थिति को भांपते हुए साइबर सेल को सक्रिय किया और उसके हाथ 70 ऐसे वीडियो लगे, जिनमें बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ बातें कही जा रही थीं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अगर यह वीडियो सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफाॅर्म पर प्रसारित होते तो सौहार्द को और भी ठेस पहुंचती। इसके चलते सबसे पहले पुलिस ने 26 फरवरी को पूरे नूंह जिले में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया। केवल वाॅइस कॉल के लिए मोबाइल रिचार्ज की ही अनुमति रही।
इसके साथ ही पुलिस ने डीएसपी सतीश वत्स के नेतृत्व में फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, नूंह और नगीना में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) व स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर फ्लैग मार्च भी निकाला। पुलिस प्रशासन ने फिरोजपुर झिरका, बसईमेव, बीवां, घाटा शमशाबद, अलीपुर तिगरा समेत कई गावों में लोगों से बातचीत भी की। इन प्रयासों का नतीजा यह हुआ कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य होने की तरफ बढ़ रही है।
15 लाख की आबादी है। इसमें से 95 फीसदी लोग शांति से रह रहे हैं। कुछ लोग भीड़ इकट्ठा करके सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ना चाहते हैं। इनके इरादे तभी पता लग गए, जब ऐसे 70 वीडियो पुलिस के हाथ लगे, जिनके माध्यम से नफरत फैलाने और हालात बिगाड़ने की तैयारी की जा रही थी। हम जानते थे कि एक बार हालात बिगड़े तो फिर संभालना मुश्किल होगा इसलिए पहले से ही उपाय करने थे और वही किया। अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और शांतिपूर्ण है।- वरुण सिंगला, पुलिस अधीक्षक, नूंह