पटौदी। शहर में स्थित लगभग 200 वर्ष पुराना संता वाला शिव मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था का केंद्र है। इसकी पहचान वर्ष 1995 में घटी एक रहस्यमयी घटना से जुड़ी है। उस वर्ष एक नाग मंदिर परिसर में प्रकट हुआ। वह शिवलिंग के समीप करीब 15 दिन तक शांत भाव से बैठा रहा। नाग के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचने लगे। उसने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया। लगभग 15 दिन बाद नाग ने शिवलिंग के निकट ही प्राण त्याग दिए। स्थानीय लोगों ने सम्मान के साथ उसकी नगर परिक्रमा कराई और मंदिर परिसर में समाधि बनाई। आज भी श्रद्धालु उस स्थान पर श्रद्धा से माथा टेकते हैं। मंदिर संस्थापक के वंशज सुनील गर्ग ने बताया कि सेठ संतलाल गर्ग ने यह मंदिर बनवाया था। पुजारी सुधीर शर्मा के अनुसार, सावन और महाशिवरात्रि पर यहां जलाभिषेक और भंडारे होते हैं। संवाद