हत्या कर शव केएमपी के पास दिया था फेंक
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जमीन के हिस्से के विवाद में पिता की हत्या करने वाले आरोपी बेटे की जमानत याचिका जिला अदालत ने रद्द कर दी है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश राजेश शर्मा की अदालत ने दिया है। पिछले साल सितंबर में भिवाड़ी जाने के दौरान पिता-पुत्र में झगड़ा हो गया था। इसके बाद आरोपी ने मृतक राकेश की गाड़ी चढ़ाकर हत्या कर दी थी। हत्या से पहले आरोपी ने मृतक के साथ मारपीट भी की थी।
पिछले साल 18 सितंबर को एक व्यक्ति ने आईएमटी मानेसर थाना पुलिस को शिकायत दी कि केएमपी के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला था। उसके सिर, मुँह व गर्दन पर चोट लगी हुई थी। व्यक्ति के शरीर पर गाड़ी चढ़ने के भी निशान मिले। इस पर पुलिस ने हत्या कर शव खुर्दबुर्द करने की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया था।
मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश निवासी राकेश के रूप में हुई थी। पुलिस ने जांच के दौरान मृतक राकेश के बेटे अनुज को गांव नवादा से काबू कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि इसके दादा ने इसकी जमीन में से कुछ हिस्सा इसकी बुआ के नाम कर दिया था, जिसके चलते वह अपने पिता व बुआ से दुश्मनी रखने लगा था। 17 सितंबर की रात को अनुज अपने पिता राकेश को भिवाड़ी छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान उसका पिता से झगड़ा हो गया था। झगड़े के दौरान अनुज ने अपने पिता के साथ मारपीट की व उस पर गाड़ी चढ़ा दी तथा उसके बाद पाने से उसकी गर्दन पर वार करके उसकी हत्या कर दी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अनुज की जमानत याचिका रद्द कर दी है।