अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का सोमवार सुबह लगभग 8.13 बजे निधन हो गया। वह 22 अगस्त से मेदांता मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती थे, दो अक्तूबर को उनकी हालत और बिगड़ गई थी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल के आईसीयू फाइव में शिफ्ट किया गया था। जहां आठ दिनों से वह वेंटिलेटर पर थे। उन्हें गले में संक्रमण के साथ किडनी की गंभीर समस्या हो गई थी, जिसका उपचार चल रहा था। अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संजीव गुप्ता ने बताया कि उनको गंभीर बीमारी थी, जिसकी वजह से उनका निधन हो गया। डॉ. नितिन सूद और डॉ. सुशीला कटारिया की टीम उनकी देखभाल कर रही थी।
मुलायम सिंह के निधन की खबर मिलते ही नेताओं का अस्पताल पहुंचना शुरू हो गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अस्पताल पहुंचे और उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने मुलायम के पुत्र एवं यूूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ढांढस बंधाया। इस दौरान डॉ. नरेश त्रेहान भी मौजूद रहे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला भी उनके अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे।
मुलायम के भाई प्रो. रामगोपाल यादव, शिवपाल सिंह यादव, उनकी पुत्र वधु डिपंल यादव, प्रतीक यादव, अंकुर यादव सहित परिवार के कई लोग पिछले कुछ दिनों से उनकी देखभाल कर रहे थे। इनके साथ ही सैकड़ों समर्थक अपने चहेते नेता के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे। कई समर्थक यहां कुछ दिनों से रोजाना आ रहे थे। निधन की खबर मिलने के बाद आखिरी दर्शन करने के लिए समर्थक अस्पताल की दीवार पर भी चढ़े, जिनको पुलिस ने समझाबुझा कर उतार दिया। सुबह लगभग 11.47 बजे एक विशेष एंबुलेंस उनका पार्थिव शरीर लेकर यूपी के इटावा के लिए रवाना हो गई। नेता जी का अंतिम संस्कार मंगलवार को सैफई में होगा।