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Gurugram News: आयकर विभाग के रडार पर दस हजार से ज्यादा लोग

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तीस लाख रुपये से अधिक की प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त की नहीं दी जानकारी
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- टीम ने गढ़ी और कादीपुर तहसील में किया था सर्वे

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी के दस हजार ऐसे लोग, जिन्होंने 30 लाख रुपये से अधिक की प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त बीते पांच साल के दौरान की है, वह आयकर विभाग के राडार पर हैं। इस बात का खुलासा आयकर विभाग पंचकूला की ओर से दस सदस्यीय टीम ने गढ़ी हरसरू और कादीपुर तहसील में सर्वे के बाद किया है। उपरोक्त दाेनों ही तहसील से विगत पांच साल के दौरान आयकर विभाग को जमीन खरीद-फरोख्त की कोई जानकारी नहीं दी जा रही थी।
राजस्व विभाग को 30 लाख रुपये से अधिक की प्राॅपर्टी खरीदने व बेचने वालों की जानकारी आयकर विभाग से शेयर करनी होती है। जिले की इन दाेनों तहसीलों के पांच साल का ब्यौरा आयकर विभाग को नहीं मिला था। जिसके बाद आयकर विभाग के महानिदेशक के निर्देश पर इंटेलीजेंस व क्रीमनल विंग की टीम की ओर से शुक्रवार की देर रात तक सर्च किया गया। इस दौरान टीम को एक लाख से अधिक रजिस्ट्री होने की जानकारी मिली है। जिसमें से दस हजार रजिस्ट्री में ही खरीद-फरोख्त हुई है। अन्य में अलग तरह की रजिस्ट्री हुई है। जिसका आयकर विभाग से कोई लेना देना नहीं है।
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800 करोड़ की स्टांप ड्यूटी का हुआ भुगतान

दोनों तहसीलों में हुई रजिस्ट्री में 800 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी का भुगतान किया गया है। एक लाख से अधिक रजिस्ट्री की संख्या है। इसमें ट्रांसफर डीड से लेकर रेंट एग्रीमेंट तक शामिल हैं। दस प्रतिशत ही रजिस्ट्री ऐसी है। जिसमें जमीन की खरीद-फरोख्त हुई है। आयकर विभाग की इेंटेलीजेंस व क्रीमिनल विंग की टीम ने इनसे मिलने वाली जानकारी पर आगे काम करेगी।

अन्य तहसीलों में भी गोलमाल का अंदेशा

खुलासा हुआ है कि बहुत सी रजिस्ट्री सर्कल रेट से कम हुई है। साइबर सिटी की रजिस्ट्री 30 लाख रुपये की होना आम बात है। रजिस्ट्री एक करोड़ रुपये के ऊपर न दिखे इसके लिए स्टांप चोरी कर सर्कल रेट से कम पर रजिस्ट्री की गई हैं। सर्वे टीम में शामिल लोगों की माने तो इस तरह की अनियमितता अन्य तहसील में हुई रजिस्ट्री में हो सकती है। इसके लिए जल्द ही अन्य तहसील में जांच की जाएगी।
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वर्जन

आयकर विभाग की ओर से हुए सर्वे के दौरान मांगी जाने वाली सभी जानकारी टीम को उपलब्ध करा दी गई है। मिलने वाले रिकार्ड के आधार पर वह अपने स्तर पर जांच करेंगे। टेक्निकल समस्या होने के कारण टीम को जानकारी जुटाने में थोड़ा समय लगा था। सर्वे का काम पूरा हो चुका है।
- निशांत यादव, उपायुक्त, गुरुग्राम।
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