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Gurugram News: 150 से अधिक प्रोजेक्ट अधूरे , खरीदार परेशान

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10-10 साल से अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं लोग , ईएमआई के साथ किराया देने को मजबूर
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अमर उजाला ब्यूरो

गुरुग्राम। सिर्फ माहिरा होम्स के खरीदार ही नहीं बल्कि शहर में 150 से अधिक ऐसे छोटे और बड़े प्रोजेक्ट हैं जिनके हजारों खरीदारों का पैसा फंस गया है। यह प्रोजेक्ट या तो शुरू ही नहीं हुए हैं और अगर शुरू हुए हैं तो बीच में ही रुक गए हैं। इनके खरीदार डीटीसीपी से लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हरियाणा भू संपदा विनियामक प्राधिकरण (हरेरा) तक के चक्कर काट रहे हैं। कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
कुछ प्रोजेक्ट तो ऐसे हैं जिनको शुरू हुए 12 साल से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन अभी तक बनकर तैयार नहीं हुए हैं। यह लोग बैंक की ईएमआई के साथ-साथ जहां रह रहे हैं उस मकान का किराया देने के लिए भी मजबूर हैं।
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कुछ मुख्य प्रोजेक्ट जो रुके हैं

माहिरा होम्स

माहिरा के शहर में अलग-अलग पांच प्रोजेक्ट चल रहे हैं जो अब बंद पड़े हैं। इन प्रोजेक्ट में करीब पांच हजार से ज्यादा लोगों का पैसा फंसा हुआ है। यह लोग 80 फीसदी से ज्यादा पैसा बिल्डर को दे चुके हैं जबकि मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। सेक्टर-104, सेक्टर-68, सेक्टर-95 सेक्टर-65 और सेक्टर-103 में माहिरा होम्स प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई थी। सभी प्रोजेक्ट 2021-22 तक प्रोजेक्ट पूरा होना थे।

कैपिटल गेटवे

सेक्टर-111 स्थित कैपिटल गेटवे प्रोजेक्ट का 2010 में विज्ञापन जारी किया गया था। 10.24 एकड़ के इस प्रोजेक्ट में 534 फ्लैट हैं। फ्लैट की कीमत 65 लाख से लेकर 1.2 करोड़ रुपये तक है। खरीदार 95 फीसदी पैसा तक दे चुके हैं, जबकि निर्माण कार्य 40 फीसदी तक ही हुआ है। इसके बाद काम रुक गया है। सन 2012 में बिल्डर बायर एग्रीमेंट हुआ था। साल 2015 में खरीदारों को फ्लैट मिलने थे।


रहेजा रेवांता प्रोजेक्ट


रहेजा रेवांता प्रोजेक्ट सन 2011 में लांच हुआ था। सन 2017 में फ्लैट बनाकर खरीदारों को सौंपना था। 18 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट में ए और सी टावर में 55-55 मंजिल हैं जबकि बी टावर 61 मंजिल का है। पांच-पांच मंजिल के 25 विला भी हैं। इस प्रोजेक्ट में करीब एक हजार खरीदार हैं। सभी की इमारत खड़ी होने के बाद अभी काम बंद है। खरीदार कहते हैं कि वह बिल्डर को 90 फीसदी तक पैसा दे चुके हैं लेकिन साइट पर काम 50 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ है। इस प्रोजेक्ट की एक इमारत हरियाणा की सबसे ऊंची इमारत है।


ओएसबी एक्सप्रेस-वे टावर्स

सेक्टर-109 स्थित एक्सप्रेस वे टावर्स प्रोजेक्ट 7.50 एकड़ में बन रहा है। इसमें 11 टावर हैं और कुल 1089 फ्लैट हैं। सभी फ्लैट बिक चुके हैं। खरीदार 95 फीसदी तक पैसा बिल्डर को दे चुके हैं लेकिन प्रोजेक्ट का काम 65 फीसदी ही पूरा हुआ है। पिछले दिनों अलग-अलग कारणों से हरियाणा भू संपदा विनियामक प्राधिकरण ने ओएसबी बिल्डर के तीन प्रोजेक्ट के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया था और इनकी फाॅरेंसिक जांच के आदेश दिए थे।
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प्रोजेक्ट अलग-अलग कारणों से रुके हैं और इनके मामले अलग-अलग जगह विचाराधीन हैं। उच्चस्तर से ऐसे प्रोजेक्ट के संबंध में जो आदेश मिलते हैं उनका पालन कराया जाता है। - मनीष यादव, डीटीपी प्रवर्तन
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