गुरुग्राम। इराक के 18 वर्षीय युवक की दाहिनी आंख में सालभर पहले हुए विस्फोट से करीब एक सेंटीमीटर लंबा धातु का टुकड़ा फंस गया था। इससे उसकी 70 फीसदी दृष्टि प्रभावित थी और आंख हिलाने पर दर्द होता था। कई अस्पतालों द्वारा सर्जरी से मना करने के बाद, युवक शैल्बी इंटरनेशनल हॉस्पिटल में पहुंचा। यहां डॉक्टरों ने करीब पांच घंटे की जटिल सर्जरी कर धातु का टुकड़ा सफलतापूर्वक बाहर निकाला और बची हुई दृष्टि सुरक्षित रखी। न्यूरोसर्जरी विभाग के निदेशक डॉ. हरनारायण सिंह ने टीम का नेतृत्व किया। डॉक्टरों ने नाक के रास्ते एंडोस्कोपिक एंडोनैसल तकनीक का उपयोग किया। ईएनटी विभाग के वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. कुणाल निगम ने इसे उचित विकल्प बताया। घायल आंख और ऑप्टिक नर्व को अतिरिक्त नुकसान से बचाना बड़ी चुनौती थी। पहले से प्रभावित दृष्टि के कारण सर्जरी में विशेष सावधानी बरती गई। संवाद