गोहत्या के अपराध को बताया फसाद की जड़
शेरसिंह डागर
नूंह। पलवल जिले के पोंडरी गांव में हिंसा को लेकर हुई महापंचायत में वक्ताओं ने नाराजगी जताई। वक्ताओं ने गो हत्या पर बोलते हुए मेव समुदाय को गोहत्या पर रोक लगाने की नसीहत दी। जब तक मेव समाज इसे रोकने के लिए आगे नहीं आएगा, तब तक कोई न कोई इस तरह का नफरती बीज हरा होता रहेगा। समाज को आगे आकर इनका बहिष्कार और प्रशासन को सौंपने का काम करना होगा।
महापंचायत की अध्यक्षता कर रहे अरुण सिंह जैलदार ने बहुत ही संयम तरीके से हिंदू मुस्लिम एकता का उदाहरण पेश करते हुए दोनों को भाई -भाई बताया तो उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को गोहत्या पर रोक लगाने की पहल करने की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि अगर हम पिछली वंशावली को देखें तो उनमें हिंदू और मुस्लिम दोनों एक ही खून हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सांझी संस्कृति है। 52 पाल दिल्ली से आगरा और भरतपुर से अलीगढ़ तक होती है, जिसमें मुस्लिम समाज की 12 पाल शामिल हैं।
इनके अलावा किसान नेता रतन सिंह सौरोत ने भी अपनी बात रखते हुए इस हिंसा को गलत बताया। उन्होंने कहा कि महापंचायत लड़ने का नहीं बल्कि संदेश देने का काम करती है। यह संदेश लड़ाई से ज्यादा ताकतवर होते हैं। हमारा संदेश जहां पहुंचना था वहां पहुंच गया।