पुन्हाना। प्रदेश में कुरैशी समाज को पिछड़ी जाति में शामिल करने के लिए कुरैशी समाज के लोगों ने प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को ज्ञापन दिया। समाज की ओर से पिछड़ी जाति में शामिल करने के लिए प्रतिनिधित्व कर रहे शाहिद एडवोकेट ने बताया कि प्रदेश में रह रहे करीब सवा लाख से अधिक आबादी वाले कुरैशी समाज को कसाई, कसाब कुरैशी, कुरैशी समुदाय के नाम से जाना जाता है। समाज के लोग गरीब और दयनीय व्यवसायों से जुड़े हैं, जिनमें पशुओं की बिक्री और खरीद के अलावा वैध वध करना व छोटे मोटे गैर-तकनीकी व्यवसायों में लगे हुए हैं। इन व्यवसायों को कारण वे अभी तक बच्चों को शिक्षित होने का अवसर देने में सक्षम नहीं हो सके हैं। इसलिए कुरैशी समुदाय सामान्यत: राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से अधिक पिछड़ा हुए हैं। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि हरियाणा राज्य को छोड़कर हमारे देश के बहुसंख्यक राज्यों में रहने वाले कुरैशी समुदाय को बीसी (ए) में शामिल करके संबंधित राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आरक्षण का संवैधानिक लाभ प्राप्त हुआ है। लेकिन काफी संघर्ष के बाद हरियाणा में उन्हें पिछड़ी जाति में शामिल नहीं किया गया है। संवाद