इस दौरान आरोपियों ने दहेज के सामान की बात भी की और बीते साल 27 अप्रैल को शादी की तारीख तय कर दी। शादी की तारीख पास आई तो युवती ने घर वालों ने आरोपी से बारात की बात की तो, उन्होंने बताया कि उनके वहां बारात लेकर नहीं जाते। मंदिर में ही शादी होती है।
शादी वाले दिन युवती अपने परिजनों के साथ शीतला माता मंदिर पहुंच गई, लेकिन आरोपियों की तरफ से सिर्फ अतुल त्रिपाठी, संतोष त्रिपाठी और उसका बेटा आया था। जब उनसे बाकी सदस्यों के बारे में पूछा तो बताया कि उनकी तबीयत खराब हो गई है। युवती की शादी के बाद जब वह ससुराल पहुंची तो पता चला कि उसके पति का एक भाई और है। युवती को भाभी ने बताया कि उसके पति की तो पहले से ही शादी हो रखी है। इसके बाद उसके जेठ संतोष त्रिपाठी ने जबरन नाजायज संबंध बनाए।
युवती का कहना है कि आरोपियों ने सिर्फ दहेज के लिए शादी की थी। पहले उन्हें यह बताया था कि वह सिर्फ दो भाई हैं, बाद में पता चला कि वह चार भाई हैं। पीड़िता का आरोप है कि पूरे परिवार ने ही मिलकर यह साजिश रची है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।