महिला आयोग के चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने साइबर अपराध पर छात्रों को किया जागरूक। सौजन्य- सूचना विभ
एसजीटी यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया सेमिनार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने मंगलवार को सेमिनार के माध्यम से एसजीटी यूनिवर्सिटी के छात्रों को साइबर क्राइम के प्रति जागरूक किया। वर्ष 2012 में साइबर क्राइम की अधिकतम 77 शिकायतें दर्ज हुआ करतीं थीं, अब तक यह आंकड़ा बढ़कर 50 हजार के पार हो गया है। इस वर्ष साइबर क्राइम की 2246 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इस कारण आयोग समाज में कानूनी जागरूकता के लिए काफी सक्रिय है।
अभी तक पूरे प्रदेश में ऐसे 159 जागरूकता सेमिनार आयोजित किए गए हैं। उन्होंने छात्राओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि महिला आयोग की सहायता बिना किसी संकोच के आयोग के व्हाट्सएप नंबर 9650080115 पर संपर्क कर ली जा सकती है। सेमिनार में एसीपी साइबर क्राइम विपिन अहलावत ने कहा कि डिजिटल दुनिया की तकनीक से हम पूरी तरह जुड़ चुके हैं। बच्चों को निश्चल प्रेम केवल अपने माता-पिता से मिलता है। किसी गैर से इसकी उम्मीद न करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग साइबर ठगी, ब्लैक मेलिंग जैसे मामलों में ज्यादा हो रहा है। ऐसे में किसी भी सहपाठी, रिश्तेदार या अंजान व्यक्ति की बातों के प्रभाव में आकर जिंदगी को बर्बाद न करें। आयोग के सामने ऐसी कई शिकायतें आई हैं। ऐसी शिकायतों में सामने आया कि विवाहित पुरुषों ने छोटी उम्र की लड़कियों को अपने जाल में फंसा लिया। उन्होंने साइबर क्राइम से जुड़े आंकड़ों का जिक्र किया। एसीपी ने कहा कि साइबर अपराध होने पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काॅल करें। साथ ही बताया की साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in पर या नजदीकी थाने में करें। सेमिनार में एसएचओ जसबीर सिंह, एडवोकेट रितु कपूर, वाइस चांसलर विनोद शर्मा, डॉ. सारिका, डॉ. ऋचा, डॉ. राकेश कुमारी, प्रीति वर्मा, डॉ. उर्मिला शर्मा, विशंभर बोस, यश मौजूद रहे।